mahadev betting app : दुबई से चलने वाले महादेव बेटिंग एप के संचालकों ने 88-95 हजार करोड़ रुपये की अवैध कमाई की. यह कमाई महादेव ऑनलाइन बुक (MOB), Skyexchange और Lotus 365 के सहारे की गयी है. अवैध कमाई के एक बड़े हिस्से को दुबई के रियल स्टेट व्यापार में लगाया गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच के दौरान महादेव बेटिंग एप के सहारे हुई इस कमाई का अनुमान किया है. साथ ही दुबई और भारत में कुल 3500 करोड़ की संपत्ति जब्त की है.
महादेव बेटिंग एप के किंगपिन सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाने के बाद ईडी अन्य अभियुक्तों को दुबई से भारत लाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपना रही है. इन अभियुक्तों में रवि उप्पल, विकास छापड़िया, शुभम सोनी और अतुल अग्रवाल का नाम शामिल है. इन अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय द्वारा जारी वारंट दुबई भेज दिया गया है. रवि उप्पल और विकास छापड़िया के खिलाफ प्रत्यपर्ण की प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही इन दोनों अभियुक्तों के दुबई से वापस लाये जाने की उम्मीद है.
महादेव बेटिंग एप के दो मुख्य पार्टनर में एक सौरभ चंद्राकर और दूसरा रवि उप्पल है. महादेव बेटिंग एप का मुख्यालय दुबई में है. सट्टेबाजी के लिए मास्टर एप महादेव ऑनलाइन बुक है. Skyexchange और Lotus 365 को स्ट्टेबाजी के दो सहयोगी एप है. इन्हीं के सहारे स्ट्टेबाजी के पूरे कारोबार पर नियंत्रण किया जाता है. महादेव बेटिंग एप के संचालकों द्वारा 3200 लोगों को फ्रेंचाईजी दिया गया था. सभी फ्रेंचाईजी ऑपरेटर दुबई के अलावा भारत में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में सट्टेबाजी का कारोबार करते थे.
ईडी ने महादेव बेटिंग एप के सहारे 88-94 हजार करोड़ रुपये की अवैध कमाई का अनुमान किया है. इसमें से मास्टर एप महादेव ऑनलाइन बुक के साहरे 75-80 करोड़ रुपये और सहयोगी एप Skyexchange के सहारे 11-12 हजार करोड़ रुपये और Lotus 365 4-5 हजार करोड़ रुपये की अवैध कमाई का अनुमान है.
अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा दुबई में रियल स्टेट के अलावा दूसरे व्यापार में लगाया गया है. अब तक की जांच में अवैध कमाई से अर्जित 3500 करोड़ की संपत्ति जब्त की गयी है. इसमें से 1800 करोड़ की संपत्ति दुबई और 1700 करोड़ की संपत्ति भारत में है. ईडी ने महादेव बेटिंग एप की जांच के दौरान कुल 116 लोगों को अभियुक्त बनाया है. इसमें से 14 को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार लोगों में किंगपिन सौरभ चंद्राकर सहित महादेव बेटिंग एप से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण लोग शामिल है.
महादेव बेटिंग एप के संचालकों द्वारा फ्रेंचाईजी लेने वालों से 15-20 लाख रुपये की दर से वसूली की जाती है. इतनी रकम देने के बाद ही किसी को महादेव बेटिंग एप की फ्रेंचाइजी मिलती थी. फ्रेंचाईजी लेने वालों को लेन-देन के लिए बैक अकाउंट का इस्तेमाल खुद ही करना पड़ता था. सट्टेबाजी से होने वाली आमदनी का 80 प्रतिशत महादेव बेटिंग एप के संचालकों के मिलता था. बाकी 20 प्रतिशत का बंटवारा दूसरों के बीच होता था. महादेव बेटिंग एप के दुबई स्थित मुख्यालय में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी छत्तीसगढ़ के ही है. क्योंकि इस बेटिंग के दोनों प्रमुख संचालक छत्तीसगढ़ के मूल निवासी है.
क्रिकेट सहित अन्य खेलों और फिल्म आदि पर सट्टेबाजी में शामिल होने वालों के इन्हीं फ्रेंचाईजी ऑपरेटरों के सहार पैसों का भुगतान करना होता है. सट्टेबाजों को किसी खेल या अन्य चीजों पर बाजी लगाने के लिए कम से कम 100 रुपये देना पड़ा है. बाजी के लिए अधिकतम राशि की कोई सीमा निर्धारित नहीं है. सट्टेबाजी में शामिल लोगों को एक ID दिया जाता था. जिससे वे सट्टेबाजी में हारजीत पर नजर रखते है.
बाजी लगाने वालों को दिया जाने वाले ID को बहुत ही चालाकी से डिजाइन किया गया था. बाजी में अधिक रुपया जीतने पर सट्टेबाज का ID खुद ब्लॉक हो जाता था. जिससे ज्यादा पैसा जीतने वाले सट्टेबाज को एक भी रुपया नहीं मिलता था.
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