से जुड़ा है राज्य का शराब सिंडिकेट, थोक कारोबार पर है पूरा कब्जा)
क्या है मामला
साहेबगंज के नींबू पहाड़ पर अवैध खनन करने में शामिल लोगों द्वारा किये जानेवाले विस्फोट से ग्रामीणों के घर में दरारें पड़ जाती थीं. इसलिए विजय हांसदा ने दो मई 2022 को ग्रामीणों के साथ वहां पहुंचकर अवैध खनन बंद करने को कहा था. लेकिन अवैध खनन में शामिल लोगों ने अपने सरकारी अंगरक्षकों के सहारे सभी को वहां से भगा दिया. इसके बाद विजय हांसदा ने थाना में पंकज मिश्रा, विष्णु यादव, पवित्र यादव, राजेश यादव, बच्चू यादव, संजय यादव और सुभाष मंडल के खिलाफ अवैध खनन करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की थी. विजय हांसदा ने यह आरोप भी लगाया था कि पंकज मिश्रा राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि हैं. इसलिए वह अवैध खनन आदि में अपनी राजनीतिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हैं. इसे भी पढ़ें : 5">https://lagatar.in/24-august-read-the-big-news-of-jharkhand-and-the-country-in-your-favorite-newspaper-shubham-sandesh/">5जिले, 34 जगह ईडी के छापे, टाटा मोटर्स के जीएम समेत 8 अफसर निलंबित, चंद्रयान – 3 ने रचा स्वर्णिम इतिहास, आईएएस ने पत्नी के नाम खरीदी एक करोड़ की जमीन समेत कई अहम खबरें पढ़ें अपने प्रिय अखबार शुभम संदेश में
ईडी ने शुरू की थी जांच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साहिबगंज में अवैध खनन की जांच शुरू की थी और हांसदा को समन भी जारी किया था. इसके बाद हांसदा ने साहिबगंज में हो रहे अवैध खनन और उसमें शामिल लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और अपना बयान दर्ज कराया. इसके बाद हांसदा के खिलाफ बोरियो थाना में एक प्राथमिकी (286/2022) दर्ज की गयी और उसे जेल भेज दिया गया. हांसदा ने जेल से ही हाइकोर्ट में एक रिट याचिका (सीआर.665/2022) दायर की और पुलिस जांच पर संदेह व्यक्त करते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की अपील की. इसे भी पढ़ें : पलामू">https://lagatar.in/a-school-in-palamu-where-parents-have-to-lie-on-the-ground-to-meet-the-children/">पलामूमें एक ऐसा स्कूल जहां बच्चों से मिलने के लिए अभिभावकों को लेटना पड़ता है जमीन पर [wpse_comments_template]
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