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रांची- सिल्ली व सोनाहातू के 17 घाटों से हो रहा बालू का अवैध कारोबार

 
Special Correspondent Ranchi:  रांची जिला के सिल्ली व सोनाहातू के छोटे-बड़े 17 बालू घाटों से अवैध बालू का कारोबार निर्विरोध चल रहा है. हफ्ते-दो हफ्ते में एक या दो दिन के रुकता है और फिर चालू हो जाता है. अवैध बालू कारोबार पर सब चुप हैं. विधायक, पूर्व विधायक, वन विभाग, खनन विभाग, जिला प्रशासन के अफसर, थाना की पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग. कोई इसके खिलाफ ना बोल रहा है और ना ही कार्रवाई होती है. अवैध बालू कारोबार और इससे होने वाली अवैध वसूली की वजह से रांची शहर में बालू की कीमत 45000 रुपये प्रति हाईवा तक पहुंच गया है. मकान बनाना महंगा हो गया है. लेकिन किसी को इसकी चिंता नहीं.

किन घाटों से हो रहा अवैध बालू खनन

झाबड़ी, सोनाहातू, बिरदीडीह, जरेया, सोमाडीह, गोमियाडीह, डोमाडीह, गड़ाडीह, भकुआडीह, बांधडीह, श्यामनगर, सुंडी, हजाम, जयनगर, पतराहातु, पोबरा और बसंतपुर घाट.
अवैध वसूली के आंकड़े सोशल मीडिया पर घूम रहा है. इसके मुताबिक प्रति हाईवा कुल 20500 रुपये की वसूली हो रही है. एक बड़ा हिस्सा जनप्रतिनिधियों के द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों को मिल रहा है.  सूचना के मुताबिक तीन प्रभावशाली लोगों के नाम पर 6700 रुपया (3000, 3000 व 700 रुपया) रुपया लिया जा रहा है. वसूली करने वाला भी खुद 1000 रुपया रखता है. यानी कुल 7700 रुपया. 
प्रभावशाली लोगों के लिए वसूली करने वालों के नाम विकास, कैलाश व राकेश बताया जाता है. समझा जा सकता है प्रति माह की अवैध कमाई कितनी होगी.
बाकी रकम के भी हिस्सेदार हैं. सिस्टम में शामिल तमाम लोगों तक 12700 रुपया बंटता है. हर किसी ने एजेंट नियुक्त कर रखा है, जो रात में हाईवा गिनने का काम करते हैं.

बालू खनन में शामिल लोग

मुरली, फौजी, चौधरी, परदेसी, बोलाई, शंकर व विपिन.
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक इस इलाके में सोनाहातू में बालू डंप के लिए दो लाइसेंस जारी किए गए हैं. नियमानुसार इसी डंप से बालू की बिक्री होनी चाहिए. लेकिन आप रात में सिल्ली-सोनाहातू जाने वाले किसी रास्ते पर चले जाएं, अवैध बालू लदा हाईवा मिल जायेगा. अवैध बालू लदा हाईवा के चालक लापरवाह तरीके और तेज गति से चलाते हैं. इसके बारे में भी इस संवाददाता को जानकारों ने वजह बतायी है.
एक हाईवा एक ट्रिप करता है, तो उसे 20500 रुपया देना पड़ता है. लेकिन वही हाईवा अगर दूसरा या तीसरा ट्रिप लगाता है, तो उसे अतिरिक्त ट्रिप पर सिर्फ 8000 रुपया देना पड़ता है. 
यही कारण है कि रात में शहर के भीतर आने वाला बालू लदा हाईवा तमाम कायदे-कानून को ताक पर रख कर तेज गति से हाईवा चलाता है. 
जारी... कल पढ़ेंः कौन करता है रांची व आदित्यपुर से अवैध बालू कारोबार की मॉनिटरिंग.....
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