Ranchi : असम के मुख्यमंत्री एवं झारखंड चुनाव सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा ने जामताड़ा में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. कहा कि, इस बार का चुनाव रोटी- बेटी-माटी की सुरक्षा के लिए है. झामुमो-कांग्रेस-राजद पर जमकर निशाना साधा. सीता सोरेन के खिलाफ दिये गये बयान पर कहा कि, इरफान अंसारी जैसे लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते. अगर हमारा समाज एक रहेगा तो क्या इरफान अंसारी जैसे लोग चुनाव जीत पाएंगे. हमारा समाज बंट जाता है, लेकिन इस बार हम बटेंगे नहीं. हम एक रहेंगे तो इरफान अंसारी कभी भी यहां से चुनाव नहीं जीतेगा. हम एक रहेंगे तो किसी में हिम्मत नहीं होगी कि, रामनवमी का जुलूस रोक दे. बिस्वा सरमा ने कहा कि ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ .
आलमगीर और इरफान झारखंड को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश कर रहे
हिमंता ने कहा, आलमगीर आलम और इरफान अंसारी झारखंड को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने पढ़ा था कि विधानसभा में नमाज कक्ष बनाया गया. हमारे लोगों ने प्रोटेस्ट किया. हो नहीं पाया लेकिन सरकार ने प्रस्ताव किया था कि झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए व्यवस्था की जाये उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा के लिए भी व्यवस्था करनी चाहिए. आज रामनवमी जुलूस नहीं निकालने दिया जाता. मोहर्रम का जुलूस कभी बंद नहीं हुआ है
दुर्गा मां के मंदिर में मूर्ति विसर्जन के लिए अनुमति नहीं मिलती है. लेकिन मोहर्रम का जुलूस कभी बंद नहीं हुआ है. सरमा ने कहा कि, मोहर्रम के जुलूस से हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रामनवमी का भी जुलूस निकलेगा. उन्होंने कहा कि औरंगजेब का शासन, बाबर का शासन भी देखा गया है. उन्होेंने रामनवमी के जुलूस में किसी ने बाधा नहीं पहुंचाई, , लेकिन इरफान अंसारी और आलमगीर आलम तो औरंगजेब और बाबर से भी ज्यादा नीचाे गिरे हुए हैं. किसो को डरने की जरूरत नहीं
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि, जो लोग इरफान अंसारी को वोट देंगे, तो कल कोई अगर आपकी बेटी को उठा ले जाता है, ये आपकी मदद नहीं करेंगे. इसलिए इरफान अंसारी को वोट देने से पहले सोच लें कि हमारे घऱ में भी बेटी है. उन्होंने कहा कि किसी को डरना नहीं है. अगर आप एक रहेंगे तो इरफान अंसारी और आलमगीर आलम हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकते. जामताड़ा में इस बार चुनाव, सीता सोरेन और इरफान अंसारी के बीच है. ये चुनाव हमारी अस्मिता की लड़ाई का है. सरमा ने कहा कि, पाकुड़, साहिबगंज और जामताड़ा जैसे इलाके में स्कूल शुक्रवार के दिन बंद किये जाते हैं, क्योंकि उस दिन नमाज पढ़ी जाती हैं. उन्होंने कहा कि, मैं पूछना चाहूंगा हमारे भारत के संविधान को हिंदू लोगों ने ही बनाया. हमारे लिए भी मंगलवार को स्कूल बंद होना चाहिए, हम भी हनुमान जी की पूजा करेंगे.
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