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भारत को 1.35 अरब लोगों का पेट भरने की जरूरत है
उन्होंने एक अंग्रेजी वेबसाइट से बातचीत के क्रम में कहा, मैं भारत की सराहना करती हूं कि उसे 1.35 अरब लोगों का पेट भरने की जरूरत है. मैं समझ सकती हूं कि लू की वजह से गेहूं की उत्पादकता कम हुई है लेकिन फिर भी मैं भारत से अपील करती हूं कि वह गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले पर दोबारा विचार करें, क्योंकि और देश भी इसी नक्शेकदम पर चल सकते हैं, जिससे हम खाद्यान्न संकट से निपटने में नाकाम हो जायेंगे. इसे भी पढ़ें : Jammu/kashmir">https://lagatar.in/jammu-kashmir-security-forces-killed-three-pakistani-terrorists-one-policeman-martyred-in-the-encounter/">Jammu/kashmir: सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया, एनकाउंटर में एक पुलिसकर्मी शहीद
रूस -यूक्रेन युद्ध की वजह से गेहूं की सप्लाई प्रभावित
अगर भारत ने निर्यात पर पाबंदी हटा ली तो उसे कितनी मदद मिलेगी? इसके जवाब में जॉर्जिवा ने कहा कि रूस और यूक्रेन युद्ध की वजह से गेहूं की सप्लाई प्रभावित हुई है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि भारत कितना निर्यात कर सकता है और किन-किन देशों को निर्यात कर सकता है. अगर गेहूं का निर्यात मिस्र और लेबनान जैसे देशों में किया जाता है तो यकीनन बहुत प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि ये उन देशों में शामिल हैं, जहां सप्लाई बाधित होने से सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है. कहा कि मिस्र और लेबनान में न केवल भुखमरी का खतरा है बल्कि सामाजिक अशांति फैल सकती है, जिससे वैश्विक स्थिरता प्रभावित हो सकती है. बता दें कि चीन के बाद गेहूं के सबसे बड़े उत्पादक देश भारत ने 13 मई को तत्काल प्रभाव से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, इसे भी पढ़ें : ईडी">https://lagatar.in/nephew-alishahs-confession-before-ed-dawood-ibrahim-sends-10-lakhs-to-the-family-every-month/">ईडीके समक्ष भांजे अलीशाह का कबूलनामा, दाऊद इब्राहिम हर माह परिवार को भेजता है 10 लाख

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