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2023 तक 7.1 करोड़ और लोग गरीबी की चपेट में आयेंगे
रिपोर्ट्स की मानें तो दुनिया में बढ़ती महंगाई और सप्लाई की समस्या सबसे बड़ी चिंता है. इसका सबसे बुरा असर गरीब देशों के लोगों पर पड़ेगा. इन देशों की स्थिति और बुरी हो जायेगी. 2023 तक दुनिया के गरीब देशों में करीब 7.1 करोड़ और लोग बेहद गरीबी की चपेट में आ जायेंगे. रिपोर्ट्स में भारत को लेकर कहा कि यहां खाद्यान्न पर प्रतिबंध लगाया गया है. इससे भारत के लोगों को खाने-पीने की किल्लत हो सकती है. इसे भी पढ़ें : रिनपास">https://lagatar.in/rinpass-patients-death-case-complaint-filed-in-court/">रिनपासकी मरीज की मौत का मामला : कोर्ट में कंप्लेन केस दाखिल
इतनी जल्दी महंगाई से नहीं मिलेगा छुटकारा
आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टिलीना जिर्योजिएवा ने भविष्य में आने वाले संकट को लेकर भी बात की है. उन्होंने कहा कि महंगाई की ऊंची दर से इतनी जल्दी छुटकारा नहीं मिलेगा. रिपोर्ट्स में कहा गया कि ज्यादातर गरीब देशों में महंगाई दर 5 प्रतिशत से ज्यादा है. आईएमएफ के अनुमानों के अनुसार, विकसित देशों में साल 2022 में महंगाई दर 5.7 प्रतिशत रह सकती है. वहीं विकासशील देशों में महंगाई दर 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है. जिसकी वजह से कई देशों में समाज के स्तर पर अस्थिरता आ सकती है.महंगाई को कम करने की रणनीति ग्रोथ पर पड़ेगा भारी
आईएमएफ प्रमुख ने माना कि महंगाई को कम रखने की रणनीति से ग्रोथ पर बुरा असर देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि जून तिमाही में अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार धीमी रहेगी. और आगे के लिए अनिश्चितता और बढ़ेगी. अर्थव्यवस्थाओं पर बढ़ता कर्ज भी एक और बड़ा संकट है. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diary-21-july-2022/">सुबहकी न्यूज डायरी।।21 July।।CM हेमंत ने लगाया जनता दरबार।।कोरोना पर स्वास्थ्य विभाग का SOP [wpse_comments_template]

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