New Delhi : प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मिडिल ईस्ट संकट के गंभीर असर का हवाला देते हुए सोने की खरीद नहीं करने, पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल, विदेश यात्रा नहीं करने, वर्क फ्रॉम होम की अपील की थी.
India directs state-run banks, insurance firms to cut costs, shift to EVs https://t.co/ObPHvyH5s6 https://t.co/ObPHvyH5s6
— Reuters (@Reuters) May 18, 2026
इसका पालन करते हुए वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों सहित अन्य वित्तीय संस्थानों को खर्च कम करने के उपाय करने को कहा है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी आदेश में कहा गया है कि अधिकारी विदेश यात्राएं कम करें, बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का ज्यादा उपयोग हो. पेट्रोल-डीजल व्हीकल से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्टिंग पर ध्यान देने को भी कहा गया है.
कहा गया है कि वित्तीय सेवा विभाग द्वारा आज सोमवार को जारी किया गया आदेश स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम समेत अन्य फाइनेंस और इंश्योरेंस फर्मों पर लागू होगा.
कॉस्ट कटिंग उपायों के तहत शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं होने की स्थिति मे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग आयोजित करने को कहा गया है.
चेयरमैन, एमडी या CEO समेत अन्य टॉप ऑफिशियल की विदेश यात्रा निर्धारित लिमिट से कम करने को कहा गया है. यदि संभव हो तो विदेशी कार्यक्रमों में वर्चुअल तौर पर शामिल हों.
दरअसल पीएम मोदी ने देशवासियों को आगाह किया था कि कच्चे तेल की बढ़ रही कीमतें और मिडिल ईस्ट संकट के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट और इसके आसपास की रुकावट ने तेल आयात पर निर्भर भारत सहित कई देशों की चिंता बढ़ा दी है. इस क्रम में प्रधानमंत्री ने मेट्रो कनेक्टिविटी वाले शहरों के लोगों से सार्वजनिक परिवहन का लाभ लेने का आग्रह किया था.
साथ ही निजी वाहनों का इस्तेमाल आवश्यक होने पर ही करने की अपील की थी. मिडिल क्लास से आग्रह किया था कि विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए कम से कम एक वर्ष तक विदेश यात्रा पर न जायें, एक वर्ष तक सोना न खरीदें
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