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अडानी-हिंडनबर्ग विवाद पर अहम खबर, आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट आज शुक्रवार को अडानी-हिंडनबर्ग विवाद पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. बता दें कि इससे पूर्व कोर्ट ने सेबी को अडानी समूह पर शेयरों की कीमत में हेरफेर के आरोपों की जांच करने को कहा था. साथ ही कोर्ट ने रिटायर जज जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में आम निवेशकों के हितो की रक्षा पर सुझाव मांगा था. इससे पहले मंगलवार को जस्टिस सप्रे कमेटी ने सीलबंद लिफाफे मे स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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समिति ने सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के हवाले की

सेबी की बात करें तो उसने SC से 6 माह का समय बढाने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सेबी से दो माह के अंदर जांच करने का आदेश दिया था. खबर है कि अडानी-हिंडनबर्ग मामले में जांच के लिए मार्च में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित छह सदस्यीय समिति ने सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के हवाले की है. इस मामले में अडानी समूह का कहना है कि वह जांच रिपोर्ट को लेकर उत्सुक है.

गौतम अडानी ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया था.

याद करें कि सुप्रीम कोर्ट ने जब अडानी-हिंडनबर्ग मामले में आर्थिक और वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञों की समिति बनाने का आदेश दिया था, को उस समय अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया था. एक बात और कि रिपोर्ट सीलबंद है, इस कारण अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विशेषज्ञ पैनल की इस रिपोर्ट में क्या है. कयास लगाये जा रहे हैं कि क्या इसमें समयसीमा का विस्तार मांगा है या अंतिम या फिर अंतरिम रिपोर्ट पेश की गयी है.

सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गयी हैं.

अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग द्वारा जनवरी, 2023 में गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गयी थी. रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर मार्केट में हेरफेर और अकाउंट में धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था. इस रिपोर्ट के सामने आते ही हड़कंप मच गया था. अडानी ग्रुप के शेयर धड़ाधड़ गिरते चले गया थे. हालांकि अडानी ग्रुप ने आरोपों को निराधार और भ्रामक करार देते हुए दावा किया था कि यह रिपोर्ट जनता को गुमराह करने वाली है. रिपोर्ट आने के बाद विपक्ष अडानी ग्रुप और मोदी सरकार पर हमलावर हो गया था. इस रिपोर्ट की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गयी हैं. [wpse_comments_template]

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