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18 दिन में 5 केस CBI के हवाले, ममता ने की हाईलेवल मीटिंग, भाजपा पर हमलावर हुई

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Kolkata : कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों से कथित रूप से नाराज ममता ने बुधवार को हाईलेवल मीटिंग बुलायी. हाईकोर्ट द्वारा 18 दिन के भीतर सीबीआई को 5 केस सौंपे जाने के बाद सीएम ममता बनर्जी एक्शन मोड में हैं. जानकारी के अनुसार सीएम ने नवान्न (सचिवालय) में कानून मंत्री मलय घटक, सांसद कल्याण रंजन और राज्य के महाधिवक्ता के साथ मीटिंग की. सूत्रों के अनुसार बैठक में ममता ने अपने सहयोगियों के साथ आगे की रणनीति बनायी. इसे भी पढ़ें : ऑयल">https://lagatar.in/cyber-attack-on-oil-india-headquarters-ransom-demanded-in-bitcoin-currency-of-57-crores/">ऑयल

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ममता और केंद्र के बीच टकराव बढ़ता चला जायेगा

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जैसे-जैसे CBI जांच आगे बढ़ेगी, ममता और केंद्र के बीच टकराव बढ़ता चला जायेगा. बता दें कि पांच में से तीन मामलों में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता आरोपी हैं. हाईकोर्ट के इस फैसले को बंगाल सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. ममता बनर्जी का आरोप है कि भाजपा सीबीआई के जरिए दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है. इसे भी पढ़ें :  मानवाधिकार">https://lagatar.in/external-affairs-minister-jaishankar-replied-in-own-language-to-america-who-is-distributing-knowledge-to-india-on-human-rights-violations/">मानवाधिकार

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बीरभूम हत्याकांड और कांग्रेस पार्षद की हत्या का केस सीबीआई के हवाले

बीरभूम के बागटुई गांव में 23 मार्च की दरम्यानी रात TMC नेता भादू शेख की हत्या के बाद हिंसा भड़की थी. हिंसा में 8 लोग मारे गये थे. इस घटना में TMC के ब्लॉक प्रमुख का नाम आया. बता दें कि 4 अप्रैल को हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई की और CBI को जांच का जिम्मा सौंप दिया. हाईकोर्ट के इस फैसले का ममता बनर्जी ने दबी जुबान से स्वागत तो किया, लेकिन अगले ही दिन आरोप लगाया कि सीबीआई के जरिए भाजपा हमारे जिलाध्यक्ष अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार कराना चाहती है. बीरभूम और भादू शेख हत्याकांड मामले में CBI ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है. हाईकोर्ट ने पुरुलिया के झालदा में कांग्रेस पार्षद तपन कांदू हत्याकांड की जांच का जिम्मा बंगाल पुलिस से छीनकर सीबीआई को सौंप दिया है. कांदू की पत्नी ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि इस मामले में TMC नेताओं का हाथ है. जांच सीबीआई से कराई जाये. इसे भी पढ़ें :  मोहन">https://lagatar.in/mohan-bhagwat-said-sanatan-dharma-is-the-only-hindu-nation-in-15-years-the-country-will-again-be-a-united-india/">मोहन

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नाबालिग के साथ तीन दिन तक गैंगरेप की घटना की जांच CBI को

कलकत्ता हाईकोर्ट ने झालदा में कांग्रेस पार्षद हत्या के गवाह निरंजन वैष्णव मर्डर केस की जांच भी CBI को दे दी है. दरअसल, कांदू हत्याकांड के चश्मदीद निरंजन का लटका हुआ शव मिला था. पुलिस ने इसे सुसाइड माना था.हाईकोर्ट ने नदिया जिले के हांसखली में हुए नाबालिग के साथ तीन दिन तक गैंगरेप की घटना की जांच CBI को सौंपी है. इस मामले में TMC नेताओं पर आरोप है. ममता बनर्जी मंगलवार को इस घटना पर सवाल उठा चुकी हैं.

रिटायर्ड जस्टिस ने  कारण बताया, क्यों जांच सीबीआई को दी गयी

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अशोक गांगुली ने कहा है कि कोर्ट को पुलिस की भूमिका पर संदेह रहा होगा, इसलिए जांच का जिम्मा CBI को मिला है. पश्चिम बंगाल के पूर्व ADGP रहे नजरूल इस्लाम ने कहा कि सरकार हमेशा पुलिस को मशीनरी की तरह यूज करती है. जो केस सामने आये हैं, उनमें सत्ताधारी नेताओं की भूमिका है. ऐसे में पुलिस जांच सही तरीके से नहीं हो पाती, इस वजह से कोर्ट ने मामले CBI के हवाले कर दिये. [wpse_comments_template]

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