Search

5 वर्षों में 9 हजार 586 केस समझौते से निपटे, घरेलू विवाद व छोटे मामलों में मेडिएशन बन रहा बेहतर माध्यम

Vinit Upadhyay Ranchi : रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने पिछले पांच वर्षों में 9 हजार 586 मामलो में सफल मध्यस्थता की है. इसमें फैमिली कोर्ट से संबंधित मामले भी शामिल हैं. घरेलू विवाद से शुरू होकर अदालत की दहलीज तक पहुंचे पारिवारिक मामलों में ज्यादातर केस ऐसे थे, जिसमें पति पत्नी एक दूसरे से अलग होना चाहते थे. लेकिन काउंसिलिंग के बाद दोनों पक्षों ने अपना मन बदला और वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाया. वहीं छोटे-मोटे विवाद और चेक बाउंस से जुड़े मामलों में भी कानूनी लड़ाई छोड़कर पक्षकारों ने सुलह को ही बेहतर रास्ता समझा. इसे भी पढ़ें - Exclusive:">https://lagatar.in/exclusive-eds-crackdown-in-jharkhand-raids-at-151-places-in-a-year-16-including-2-ias-arrested/">Exclusive:

झारखंड में ED की बढ़ती दबिश, एक साल में 151 जगहों पर छापेमारी, 2 IAS समेत 16 गिरफ्तार

इन वर्षों में इतने मामले सुलझे

वर्ष 2017-18 : 3783 मामले मध्यस्थता के लिए आए, जिनमें से 1746 मामलों में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया. जबकि 352 केस ऐसे रहे जिसमें मध्यस्थता नहीं हो पायी. वर्ष 2018-19 : मात्र 468 मामले मध्यस्थता के लिए आए, जिनमें से 287 मामलों में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया. जबकि 19 केस ऐसे रहे जिसमें मध्यस्थता नहीं हो पायी. वर्ष 2019-20 : 2259 मामले मध्यस्थता के लिए आए, जिनमें से 1079 मामलों में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया. जबकि 125 केस ऐसे रहे, जिसमें मध्यस्थता नहीं हो पायी. वर्ष 2020-21 : 1962 मामले मध्यस्थता के लिए आए, जिनमें से 846 मामलों में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया. जबकि 20 केस ऐसे रहे, जिसमें मध्यस्थता नहीं हो पायी. वर्ष 2021-22 : 3151 मामले मध्यस्थता के लिए आए, जिनमें से 1467 मामले दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया. जबकि 134 केस ऐसे रहे जिसमें मध्यस्थता नहीं हो पायी. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/corona-slows-down-in-jharkhand-5-new-patients-found-in-24-hours-19-recover/">झारखंड

में कोरोना संक्रमण की रफ्तार हुई कम, 24 घंटे में 5 नये मरीज मिले, 19 हुए स्वस्थ
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp