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असम में कांग्रेस से नहीं बनी बात, झामुमो उतारेगा 19 सीटों पर प्रत्याशी

पिछले महीने असम दौरे पर गए सीएम हेमंत सोरेन की फाइल फोटो.
  • रविवार को सीएम हेमंत सोरेन दिल्ली गए थे.
  • सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन.
  • असम में है 126 विधानसभा सीटें.

Lagatar Desk

असम विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अपने बूते 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. कांग्रेस से किसी तरह का समझौता ना होने के बाद झामुमो ने यह फैसला लिया है. पार्टी के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने बताया है कि कोई समझौता नहीं हो सका. कांग्रेस से किसी तरह के समझौते की संभावना को देखते हुए झामुमो सुप्रीमो हेमंत सोरेन रविवार को दिल्ली गए थे. लेकिन वहां बात नहीं बन सकी.

 

असम में भाजपा की सरकार है. कांग्रेस वहां मुख्य विपक्षी पार्टी है. झारखंड में कांग्रेस झामुमो का सहयोगी पार्टी है. इसलिए यह कहा जा रहा था कि अगर झामुमो असम में चुनाव लड़ती है तो वह कांग्रेस का सहयोग लेना चाहेगी. लेकिन अंतिम वक्त तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका. अब कम से कम 19 सीटों पर दोनों पार्टियां आमने-सामने होंगी.

 

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इस बीच किसी तरह का समझौता नहीं होने पर झामुमो ने अपने प्रत्याशियों को सिंबल देना शुरु कर दिया है. मंत्री चमरा लिंडा और पार्टी महासचिव विनोद पांडेय ने प्रीति रेखा बारला को सिंबल दिया है. अन्य प्रत्याशियों को भी सिंबल जारी कर दिया गया है. सोमवार को नामांकन की अंतिम तिथि है.

 

पार्टी के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय के मुताबिक कांग्रेस से झामुमो का समझौता नहीं हो सका है, इसलिए झामुमो अकेले ही चुनाव लड़ेगी. पार्टी अब 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि एक सीट वाम दलों के लिए छोड़ी गयी है. 

 

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उल्लेखनीय है कि सीटों के बंटवारे को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही थी, लेकिन अंतिम फैसला नहीं हो सका. पिछले दिनों असम कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह औऱ अध्यक्ष गौरव गोगोई रांची पहुंचे थे. दोनों नेताओं ने सीएम हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की थी.

 

झामुमो को असम में भी तीर-कमान चुनाव चिन्ह

असम विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग से झामुमो को उसका पारंपरिक चुनाव चिन्ह तीर-कमान मिल चुका है. असम में फिलहाल भाजपा की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्ष की भूमिका में है. झामुमो नेताओं का दावा है कि वे मजबूती से चुनाव लड़ेंगे और राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज करायेंगे. राज्य की राजनीति में अहम भूमिका विधानसभा में 19 सीटें अनुसूचित निभाते हैं. 126 सदस्यीय असम जनजाति के लिए आरक्षित हैं

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