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अगस्त में बीजेपी ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, पढ़ें नेताओं ने क्या-क्या कहा

Ranchi: मुख्यमंत्री के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले को लेकर झारखंड में अगस्त महीने में राजनीति बेहद गर्म रही. सुखाड़, अंकिता हत्याकांड, पावर ब्रॉकर प्रेम-प्रकाश की गिरफ्तारी, विधायकों को रायपुर एयरलिफ्ट करने जैसे कई मुद्दे भाजपा के पास थे. जिसे लेकर वह पूरे महीने सरकार पर हमलावर रही. भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने मोर्चा संभाला.बीजेपी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में, सड़क और ट्विटर से सरकार पर शब्दवाण चलाया. वहीं सत्ता पक्ष सरकार के बचाव में डटकर खड़ा रहा. झामुमो से सीएम हेमंत सोरेन और महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और मंत्री रामेश्वर उरांव ने मोर्चा संभाले रखा.

दीपक प्रकाश के बड़े बयान

31 अगस्त- झारखंड में अकाल पड़ा हुआ है. किसानों के खेत सूखे हैं और रायपुर में झामुमो-कांग्रेस विधायकों के लिए मांस और शराब की नदियां बहाई जा रही हैं. केंद्रीय एजेंसी से जांच होनी चाहिए कि इस मांस और शराब की व्यवस्था किसके पैसों से हो रही है. 30 अगस्त- कांग्रेस की महारानी सोनिया गांधी और युवराज राहुल गांधी भाजपा शासित राज्यों में छोटी घटना पर भी जाकर घड़ियाली आंसू बहाते हैं. अगर उनमें और कांग्रेसियों में थोड़ी भी नैतिकता है तो वो झारखंड आएं यहां की बेटी अंकिता को न्याय दिलाएं. 29 अगस्त- एक पत्थरबाज नदीम को ईलाज के लिए राज्य सरकार ने एयर एंबुलेंस पर लाखों रुपये खर्च किया था, लेकिन एक गरीब परिवार की बेटी अंकिता को उसके हाल पर छोड़ दिया. अगर अंकिता को समय पर बेहतर इलाज मिलता तो आज वो हमारे बीच होती. 28 अगस्त- दुमका की बेटी अंकिता सिंह को शाहरुख ने पेट्रोल से जलाकर मार डाला. झारखंड की बेटी मुख्यमंत्री आवास से मात्र 3KM की दूरी पर जिंदगी के लिए जंग लड़ रही थी और मुख्यमंत्री पिकनिक मना रहे थे. 26 अगस्त- मुख्यमंत्री आवास के प्रेमी प्रेम प्रकाश का प्रेम अब जगजाहिर हो चुका है. जिन अंगरक्षकों के दो AK47 प्रेम प्रकाश के घर से मिले हैं, उन जवानों की ड्यूटी मुख्यमंत्री आवास में थी. दोनों अंगरक्षकों और प्रेम प्रकाश के मोबाईल लोकेशन व CDR की जांच से सारा खेल और सभी दरवाजे सामने आ जाएंगे. 25 अगस्त- दलालों के दलाल प्रेम प्रकाश को ED ने गिरफ्तार कर लिया है. कई भ्रष्ट अधिकारियों-नेताओं की पोल खुलने वाली है. भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई से झामुमो की बेचैनी साफ है और अपने कुकृत्यों को छुपाने के लिए मीडिया पर प्रहार कर रहे. 24 अगस्त- राज्य में बढ़ते जमीन की लूट और अपराध के बीच हेमंत सरकार गरीबों के लिए न्याय का रास्ता बंद करना चाहती है. इसलिए कोर्ट फीस में जबरदस्त वृद्धि किया गया है. इसका हम कड़ा विरोध करते हैं. 20 अगस्त- राज्य सरकार के द्वारा झारखंड के मेधावी छात्रों को दूसरे राज्यों में भेजने का खेल प्रदेश की जनता को खूब समझ आ रहा है. आपकी नीति और नियत कितनी खोटी है यह इसी बात से स्पष्ट होता है की आप हमारे राज्य के युवाओं का ब्रेन ड्रेन करना चाहते हैं. 18 अगस्त- हेमंत सरकार के संरक्षण में राज्य में लगातार धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा है. भोले -भाले आदिवासियों-मूलवासियों को बरगलाने का काम किया जा रहा, तो कभी भय दिखाकर धर्म परिवर्तन करवाने का खेल चल रहा है. 13 अगस्त- कांग्रेस के DNA में ही देश के सम्मान का अपमान करना है. झारखंड के गोड्डा जिले में कांग्रेसी विधायकों के सामने ही उनके जिला अध्यक्ष तिरंगे का अपमान कर रहे हैं और विधायक मुंह ताक रहे हैं, इससे भारत के प्रति कांग्रेस की सोच दिखती है. 11 अगस्त- झूठ और फरेब की सारी हदें हेमंत सरकार ने पार कर दी है. झारखंड के कई जिलों के मूलवासी-आदिवासी बच्चों जो सहायक पुलिसकर्मी के रूप में काम कर रहे थे उन्हें हटा देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. मुख्यमंत्री 5 लाख नौकरी देने की बात करके कुर्सी पर बैठे थे या छीनने के लिए. 5 अगस्त- झारखंड में अकाल की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, लेकिन राज्य की भ्रष्ट सरकार इसके प्रति जरा भी गंभीर नहीं है और अन्नदाता किसानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है. 4 अगस्त- सरकार की नीति और नियत ने जनता को तबाह कर दिया है. राज्य की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और राज्य के संसाधन सरकार के संरक्षण में लूटे जा रहे हैं. मुख्यमंत्री बताएं कि आखिर राज्य में बालू की किल्लत क्यों है. 1 अगस्त- हेमंत सरकार के खिलाफ लड़ने वाले षड्यंत्र का शिकार हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल और झारखंड सरकार की सांठगांठ जगजाहिर है. झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील राजीव कुमार झारखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार, खनिज की लूटजैसे मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. कोलकाता में उनकी गिरफ्तारी राज्य सरकार की गहरी साजिश है.

बाबूलाल मरांडी

31 अगस्त- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने विधायकों की बेईज्जती कर रहे हैं. उससे बेहतर है कि जिन्हें बिकाऊ मानकर उन्होंने रायपुर में बंद कर रखा है उन्हें रांची के जू में लाकर किसी केज में बंद करके रखें. 30 अगस्त- छत्तीसगढ़ में सरकारी गाड़ियों में झारखंडी मेहमानों के लिये शराब की ढ़ुलाई. वैसे याद दिला दें कि झारखंड में भी शराब परोसने,पीने-पीलाने और उससे पैदा होने वाले “धन” के “लेन-देन” का पूरा नेटवर्क छत्तीसगढ़ का ही है. 29 अगस्त- दुमका में अंकिता को जलाये जाने के मामले में वहां के डीएसपी नूर मुस्तफा ने शुरू से ही अभियुक्त शाहरुख हुसैन को बचाने का प्रयास किया. एफआइआर में पीड़िता को नाबालिग की जगह बालिग लिखवा दिया गया. 28 अगस्त- बीमारी से लेकर तमाम तरह के बहाने बनाकर संवैधानिक संस्थाओं से बार-बार समय मांगने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अब इतनी जल्दबाज़ी है कि चुनाव आयोग/ राज्यपाल पर निर्णय तुरंत करने का दवाब बना रहे हैं. लगता है अविश्वास ऐसा है कि इनसे साथ के विधायक दो दिन भी नहीं संभल रहे. 27 अगस्त- कल तक जो जनसमर्थन और न डरने के डीएनए की बात करते नहीं थक रहे थे, खबर है कि वो खुद बोरिया-बिस्तर बांध कर निकल लिए. खुद के बनाए झूठ के महल में ही अब इनको डर सताने लगा है. अब ये विक्टिम कार्ड खेलेंगे फिर खुद के झूठ को छिपाने की झूठी कोशिश भी करेंगे. 26 अगस्त- मुख्यमंत्री जी लम्बे-चौड़े डींग हांकने और घड़ियाली आंसू बहने से लोग आपके झांसे में आने वाले नहीं हैं. मैं चुनौती देता हूं कि आप में हिम्मत है तो एक बार अपने मुंह से कह दीजिये कि AK47 दलाल सरगना प्रेम प्रकाश, अमित अग्रवाल से आपके भ्रष्टाचार के तार जुड़े हैं या नहीं. 25 अगस्त- सुना है कि दलाल सरगना प्रेम प्रकाश के यहां जिन सिपाहियों का AK47 मिला है वे राज्य के सबसे संवेदनशील स्थान के नाम आवंटित थे. मालिक के मौखिक आदेश से दलाल के यहां ड्यूटी कर रहे थे. 22 अगस्त- बड़कागांव में कांग्रेस विधायक अब सामाजिक सौहार्द का स्वांग रच रही हैं. धर्मांतरण के लिए दबाव और एक नाबालिग के साथ सार्वजनिक रूप से अभद्रता करने वाले अपराधियों को बचाने की कोशिश में लगी हैं. तुष्टिकरण के लिए कितने अपराधियों को बचाएंगे आपलोग? 20 अगस्त- लूट के लिये कुख्यात साहिबगंज जिले में सरकार नहीं बल्कि गुंडा, पुलिस, प्रशासन और सत्ता के दलालों के गंठजोड़ का शासन है. एक पासपोर्ट वेरिफिकेशन भी बिना रिश्वत के नहीं होता है. 10 अगस्त- मुख्यमंत्री राजनैतिक विरोधियों से बंदूक की ताकत पर निपटने के अपने अभियान को राजनीतिज्ञों तक ही सीमित रखें. इसका दायरा उनके बाल-बच्चों, परिवार तक करने का आत्मघाती ख़तरनाक खेल न खेलें. 4 अगस्त- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लुटेरे गिरोह के पंकज मिश्रा जेल गये. पिंटू ईडी द्वारा रोज बुलाये जा रहे हैं. साहिबगंज लूट गिरोह के सह सरगना बच्चू यादव भी ईडी के हाथों गिरफ्तार हो गये हैं. अब तो मुख्यमंत्री चुप्पी तोड़ें और जुर्म स्वीकर कर इस्तीफा दें. 2 अगस्त- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता की तरफ से आज का सबसे महत्वपूर्ण सवाल- ढाई सालों से सत्ता और नौकरशाही के गलियारे में सबकी जुबान पर तैरता चर्चित नाम ये अमित अग्रवाल कौन है?

रघुवर दास

30 अगस्त- झारखंड की बेटी अंकिता की चिता की राख भी अभी ठंडी नहीं हुई थी कि हेमंत सरकार के विधायक-मंत्री सैर सपाटा के लिए निकल पड़े हैं. सोरेन परिवार को पहले दुमका जाना चाहिए था, जो संथाल को अपना कर्म क्षेत्र कहते हैं. इन्हें वहां की चिंता नहीं है. ये छत्तीसगढ़ रफूचक्कर हो गए हैं. 29 अगस्त- दुमका की घटना से मानवता, समाज और झारखंड शर्मसार हुआ है. राज्य में आदिवासी बच्चियों, महिलाओं के साथ 1000 से ज्यादा मामले हुए हैं. यह साधारण घटना नहीं है क्योंकि एक संप्रदाय विशेष के लोग लव जिहाद के माध्यम से डेमोग्राफी बदलना चाहते हैं. 28 अगस्त- इसे तुष्टीकरण नहीं कहें, तो क्या कहें! एक ओर हेमंत सरकार उपद्रवी नदीम को एयर एंबुलेंस से भेजकर सरकारी खर्च पर इलाज करवा रही है. दूसरी ओर झारखंड की बेटी अंकिता को उसी के हाल पर छोड़ दिया क्योंकि जिहादी मानसिकता वाले शाहरुख ने उसे जलाया था. 12 अगस्त- हेमंत सरकार ने सहायक पुलिसकर्मियों के मामले में जो सकारात्मक निर्णय लिया है, उसका स्वागत है. हमारी सरकार ने नक्सल समस्या के समाधान हेतु यह बहाली की थी. ये अपने झारखंड के गरीब परिवारों से आए बच्चे हैं. इनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए. 11 अगस्त- हेमंत सरकार युवा और आदिवासी विरोधी सरकार है. सहायक पुलिस में गांव-देहात के बच्चे शामिल किए गए थे. इसका उद्देश्य झारखंड से नक्सलियों को समाप्त करने के उद्देश्य से की गई थी, जिसमें काफी हद तक सफलता भी मिली. 5 अगस्त- राज्य के मुखिया का जनप्रतिनिधि जेल में है. उनके प्रेस सलाहकार से पूछताछ हो रही है और उन्हें पद से ना हटाना एक गलत मैसेज जनमानस के बीच जा रहा है. ऐसे में हेमंत सोरेन सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. [wpse_comments_template]

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