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बिहार में ... होइहिं सोइ जो राम रचि राखा

  • फिर एनडीए सरकार!
  • नीतीश कुमार ही रहेंगे सीएम, बदल जायेंगे डिप्टी सीएम
  • आज पटना आ सकते हैं नड्डा और शाह, राजभवन में तैयारी शुरू
Gyanvardhan Mishra Patna :   बिहार की राजनीति शनिवार को पल-पल बदलती रही. अगले क्षण क्या हो जायेगा, अनुमान लगाना कठिन हो रहा. लेकिन, इस सबके बावजूद अब लगभग तय है कि बिहार में एक बार फिर एनडीए सरकार बनेगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आज रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. हालांकि खबर लिखे जाने तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी थी. मिली खबर के अनुसार, रविवार को भी राजभवन सचिवालय खुला रखने का निर्देश दिया गया है और राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां की जा रही हैं. सूत्र यह भी बता रहे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगें. दोनों उपमुख्यमंत्री भाजपा के होंगे. उपमुख्यमंत्री के नामों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. लेकिन, उपमुख्यमंत्री के नाम में सुशील कुमार मोदी और रेणु देवी के नाम आगे चल रहे हैं. गौरतलब है कि सुशील कुमार मोदी और रेणु देवी दोनों पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग से आते हैं. यदि यादव कोटे से लेना हो तो नंदकिशोर यादव का नाम सबसे आगे है. वहीं, यह भी चर्चा है कि विधानसभा अध्यक्ष पद भाजपा अपने पास रखेगी. यह भी चर्चा है कि विजय कुमार सिन्हा, नंदकिशोर यादव और प्रेम कुमार में से कोई विधानसभा अध्यक्ष बनाये जा सकते हैं.

जोड़-तोड़ में जुटे लालू-तेजस्वी

बिहार में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और तेजस्वी प्रसाद यादव लगातार मंथन कर रहे हैं. सूत्रों का कहना हैं कि नीतीश कुमार से बातचीत करने के लिए लालू प्रसाद ने कई बार प्रयास किया, लेकिन उनकी बात नहीं हो पायी. ऐसे में वे अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार विमर्श कर रहे हैं. राजनीति के माहिर खिलाड़ी किसी भी सूरत में हार मानने को तैयार नहीं दिख रहे और वे महागठबंधन की सरकार बचाने के लिए विकल्पों की तलाश में जुटे हैं.

किंगमेकर की भूमिका में मांझी

बिहार के सियासी उलटफेर के बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी किंगमेकर के रूप में उभरे हैं. जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ के चार विधायक हैं. अगर ये चार विधायक महागठबंधन के पाले में आ जाते हैं. महागठबंधन सरकार बनाने के जादुई अंक 122 के काफी करीब पहुंच जाएगा और महागठबंधन की सरकार बचने के आसार बढ़ जाएंगे. महागबंधन के घटक दलों (राजद-79, कांग्रेस-19, माले-12, भाकपा-02, माकपा-02) के पास 114 विधायक हैं. एआईएमआईएम के एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक के साथ यह संख्या बढ़ कर 116 हो जाती है, ऐसे में अगर ‘हम’ के चार विधायक साथ आ जाते हैं, तो यह संख्या 120 हो जाएगी. दल-बदल कानून के कारण जादुई अंक 122 तक पहुंचने के लिए शेष 02 विधायकों को जुगाड़ करना तो मुमकिन नहीं है. लेकिन, अगर अपने संपर्क के जदयू के कुछ विधायकों को प्रलोभन देकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिलाने में लालू कामयाब हो जो हैं, तो स्थिति बदल सकती है और महागठबंधन की सरकार बच भी सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजद जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री तक बनाने के लिए तैयार हो गया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी जीतनराम मांझी से बातचीत की है. अगर मांझी का मन बदल गया, तो समीकरण बदल सकते हैं. हालांकि इसकी संभावना कम नजर आती है.

नीतीश गये तो

महागठबंधन

  • राजद 79
  • कांग्रेस 19
  • वाम 16
  • बहमुत से 08 कम

नीतीश आये तो

एनडीए

  • जदयू 45
  • भाजपा 78
  • हम 04
  • बहुमत से 05 ज्यादा

नीतीश 9वीं बार बनेंगे बिहार के सीएम!

  • पहली बार - 3 मार्च 2000
  • दूसरी बार - 24 नवंबर 2005
  • तीसरी बार - 26 नवंबर 2010
  • चौथी बार - 22 फरवरी 2015
  • पांचवी बार 20 नवंबर 2015
  • छठी बार - 27 जुलाई 2017
  • सातवीं बार - 16 नवंबर 2020
  • आठवीं बार - 9 अगस्त 2022
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नौकरी के बदले जमीन लेने का मामला : लालू प्रसाद की मुश्किलें बढ़ीं, राबड़ी व मीसा सहित 9 को स्पेशल कोर्ट का समन

Patna :   लालू प्रसाद यादव का परिवार मुश्किलों में घिरता दिख रहा है. उधर, तेजस्वी यादव और बाकी पार्टी नीतीश कुमार के सियासी गुगली को संभालने में जुटी है. लगातार पटना में बैठकों का दौर जारी है. दूसरी ओर जमीन के बदले नौकरी मामले में ईडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है. ईडी ने राबड़ी देवी, मीसा भारती, हृदयानंद चौधरी को आरोपी बनाते हुए समन जारी किया है. इसके अलावा ईडी ने दो अन्य कंपनियों को भी आरोपी बनाया है. ईडी ने इस मामले में चार हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव सहित हृदयानंद चौधरी को समन जारी किया है. कोर्ट ने इसके साथ ही अमित कात्याल और दो कंपनियों के खिलाफ भी समन जारी किया है. कोर्ट ने 9 फरवरी की तारीख को पेशी के लिए फिक्स कर दिया है. लालू परिवार पर ये संकट तब आया है, जब पूरा परिवार इन दिनों बिहार में सत्ता बचाने में जुटा हुआ है.

लालू बताएं नौकरी के बदले जमीन लेने का सच: सुशील मोदी

इस संबंध में पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा के सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद को बताना चाहिए कि सच क्या है. मोदी ने कहा कि ईडी ( प्रवर्तन निदेशालय ) के आरोप पत्र में न्यायालय के समक्ष ठोस प्रमाण रखे गए हैं, इसलिए लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को राजनीतिक बयान देने के बजाय तथ्यपरक जवाब देना चाहिए. मोदी ने कहा कि उन्हें देश की जांच एजेंसियों को बताना ही होगा कि ये अमित कात्याल कौन है, जिसकी कंपनी ने रेलवे में नौकरी पाने वालों की जमीन खरीदी? उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बताएँ कि वे दिल्ली में न्यू फ्रेंड्स कालोनी के 150 करोड़ के मकान डी-1088 के मालिक कैसे बन गए और कौन हैं हृदयानंद चौधरी, जिन्होंने रेलवे के ग्रुप-डी की नौकरी पाने के बदले अपनी कीमती जमीन राबड़ी देवी और हेमा यादव को गिफ्ट कर दी? श्री मोदी ने कहा कि एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक अमित कात्याल की गिरफ्तारी के बाद परिवार पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. उन्होंने कहा कि ये वही अमित कात्याल (एके) हैं जिन्होंने राबड़ी देवी की सरकार के समय बिहटा में शराब की फैक्ट्री लगायी थी और बदले में अपनी कंपनी एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सारे सारे शेयर मात्र 1 लाख रुपये में तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी को बेच दिये थे. [wpse_comments_template]

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