alt="" width="1036" height="629" /> बिहार अल्प संख्यक आयोग[/caption]
अल्पसंख्यक आयोग है, अध्यक्ष नहीं
अल्पसंख्यकों से संबंधित विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग के अलावा अल्पसंख्यकों की अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए अल्पसंख्यक आयोग का गठन हर राज्य में किया जाता है. लेकिन बिहार में राज्य अल्पसंख्यक आयोग है तो ज़रूर, लेकिन इसका अध्यक्ष कोई नहीं है. यूनुस हकीम का कार्यकाल खत्म हुए महीने हो गए. [caption id="attachment_290973" align="aligncenter" width="1080"]alt="" width="1080" height="877" /> बिहार उर्दू अकादमी[/caption]
लगभग साढ़े 3 साल से उर्दू अकादमी में सचिव नहीं
उर्दू को बिहार में दूसरी राजभाषा का दर्जा हासिल है. इसके प्रचार-प्रसार और विकास के लिए बिहार उर्दू अकादमी राज्य में 1972 से संचालित है. लेकिन कई साल से अकादमी भंग है. जिसके कारण सभी काम ठप है. न कोई आयोजन, वर्कशॉप हो रहे और न ही किताबों का प्रकाशन ही हो पा रहा है. अंतिम सचिव मुश्ताक़ अहमद नूरी थे. उनका कार्यकाल 6 अगस्त 2018 को ही समाप्त हो गया. उर्दू परामर्शदातृ समिति भी डिफेंड है. शफी मशहदी का कार्यकाल खत्म होने के बाद इसे कोई चेयरमैन नसीब नहीं हुआ. इसका असर ये है कि उर्दू के विकास के लिए सरकार को सलाह देने वाला कोई नहीं है.मदरसों की देखरेख के लिए कोई अध्यक्ष नहीं
बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड मदरसों की निगरानी और संचालन करता है. यहीं से मैट्रिक बोर्ड की तर्ज़ पर मौलवी, आलिम, फ़ाजिल की डिग्री प्रदान की जाती है. लेकिन यहां भी अब्दुल कय्यूम अंसारी के कार्यकाल पूरा होने के बाद से महीनों से कोई अध्यक्ष नहीं है. [caption id="attachment_290976" align="aligncenter" width="982"]alt="" width="982" height="656" /> बिहार हज कमेटी[/caption]
कमेटी में अध्यक्ष नहीं, हज में होगी परेशानी
कोरोना जैसी महामारी के कारण रुकी पड़ी हज यात्रा इस बार होनी है. लेकिन बिहार राज्य हज कमेटी बिना सचिव और अध्यक्ष के काम कर रही है. हाफिज इलियास उर्फ सोनू बाबू के टर्म खत्म हुए लगभग तीन माह हो गए. इसे भी पढ़ें – राजभवन">https://lagatar.in/jharkhand-news-raj-bhavan-summoned-chief-secretary-reply-sought-in-stone-lease-case/">राजभवनतलब किये गये मुख्य सचिव, पत्थर लीज मामले में मांगा गया जवाब [wpse_comments_template]

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