Silas Singh Giridih: 2011 में जिले के 2500 स्कूलों में तड़ित चालक लगाया गया था, लेकिन दो से तीन वर्ष के अंदर ही अधिकतर स्कूलों से तड़ित चालक की चोरी हो गई. स्कूलों के हेडमास्टरों ने थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पर एक भी चोर नहीं पकड़ा गया .जिले में कुल 3158 सरकारी विद्यालय हैं. इनमें से 2500 विद्यालयों में तड़ित चालक लगाए गए थे. एक तड़ित चालक लगाने में 36 हजार रुपए खर्च हुए थे. इस हिसाब से स्कूलों में तड़ित चालक लगाने में नौ करोड़ रुपए खर्च हुए. तड़ित चालक तांबा का होता है. चोर इसे बेच कर कमाई कर लेते हैं. अब स्तिथि यह है कि बिजली चमकने और बादल गरजने पर बच्चे डरने लगते हैं. विभाग फिर से सभी स्कूलों में तड़ित चालक लगाने की दिशा में प्रयासरत है. इससे पूर्व लगाए गए तड़ित चालक गए, इसकी भी जांच की जाएगी. अभी जिले के पांच प्रतिशत स्कूलों में तड़ित चालक हैं-पुष्पा कुजूर,डीएस ई यह भी पढ़ें : शपथ">https://lagatar.in/dhanbad-celebrations-in-nirsa-with-the-swearing-in-of-president-draupadi-murmu/">शपथ
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गिरिडीह में 2500 स्कूलों में तड़ित चालक लगे थे, 125 में बचे हैं

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