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पूछताछ में गैंगस्टर अमन साहू ने उगले कई राज, साल 2012 में अपराध की दुनिया में रखा था कदम

आईटी-सीएस से डिप्लोमा है गैंगस्टर अमन साहू वर्ष 2010 में 78 फीसदी अंक लाकर मैट्रिक परीक्षा किया था पास चार उग्रवादी संगठनों एवं दर्जनों आपराधिक गिरोहों से तालमेल मेसर्स कृपाशंकर कंस्ट्रक्शन में हुई गोलीबारी की घटना में लिए गये रिमांड पर गैंगस्टर अमन साहू ने उगला राज Sunil Kumar Latehar: चर्चित गैंगस्टर अमन साहू उर्फ अमन साव को बालूमाथ थाना पुलिस ने चार दिनों की रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ की. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे एक जून की दोपहर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लातेहार मो. अब्दुल नासिर की अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने अदालत में 20 पन्नों का सीलबंद स्वीकारोक्ति बयान पेश किया जिसे 2 जून को खोला गया. अपनी स्वीकारोक्ति बयान में अमन साहू ने आपराधिक साम्राज्य का खुलासा किया है. उसने बताया कि उसका जन्म रांची के मतवे, बुढ़मू गांव में वर्ष 1995 में हुआ था. वर्ष 2010 में उसने मैट्रिक की परीक्षा 78 फीसदी अंकों के साथ उतीर्ण किया. उसके बाद इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एवं कंप्यूटर साइंस में पंजाब के मोहाली से डिप्लोमा 62% अंक के साथ पास किया. इसे भी पढ़ें :धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-due-to-pm-modi-india-is-moving-towards-becoming-vishwaguru-dhullu-mahato/">धनबाद

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कुलेश्वर सिंह से मुलाकात के बाद अपराध की दुनिया में आया अमन साहू

गैंगस्टर अमन साहू ने अपने बयान में बताया कि वह गर्मी की छुट्टियों में साल 2012 में घर आया था. इसी बीच उसकी पहचान झारखंड जनमुक्ति मोर्चा के तत्कालीन सुप्रीमो कुलेश्वर सिंह से हुई और यहीं से उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा. धीरे-धीरे उसकी पहचान टीपीसी के सब जोनल विराज उर्फ राकेश गंझू राजन जी, सागर जी, उमेश, रमेश, मनोज तथा आशीष कुजूर से हुई. उसने अपनी दोस्ती का दायरा बढ़ाते हुए पीएलएफआई के प्रेम गोप, झंगुर ग्रुप के रामदेव उरांव, झुनमुन से दोस्ती का हाथ बढ़ाया. एक कांड में उसे 2015 में जेल जाना पड़ा जहां उसकी दोस्ती सुजीत सिन्हा एवं मयंक सिंह से हुई. धीरे-धीरे उग्रवादी संगठनों के अलावा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों से भी उसकी दोस्ती बढ़ती गई.

कई राज्यों के कुख्यात अपराधियों के साथ अमन साहू ने बढ़ाई दोस्ती

नेपाल के कुख्यात नयन एवं कमल थापा, उत्तर प्रदेश के कुख्यात मयंक सिंह, हरिशंकर तिवारी, पंजाब के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई एवं अनमोल बिश्नोई, सिवान के रईस खान, अयूब खान, राजस्थान के पपला गुर्जर, भागलपुर के नयन सिंह, कटिहार के महाराणा यादव, पूर्णिया के शर्मा यादव, भवानीपुर के चीकू यादव, नवगछिया के बंदी, गौरव एवं सिंटू यादव जैसे कुख्यात अपराध कर्मियों से उसकी दोस्ती बढ़ती गई. उसने अपनी स्वीकारोक्ति बयान में बताया है कि उसके गिरोह के पास कुल 250 घातक हथियार हैं, जिसमें 5 एके 47, नौ कारबाइन एवं 166 पिस्टल शामिल हैं. इसे भी पढ़ें :हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-abvp-takes-out-justice-march-against-the-incident-of-delhi-and-giridih/">हजारीबाग

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मशहूर हवाला कारोबारी मनीष जैन से भी थी दोस्ती

इन अपराधियों और उग्रवादियों के अलावा अमन साहू ने देश के मशहूर हवाला कारोबारी मनीष जैन, अलीपुर पश्चिम बंगाल से भी अपनी दोस्ती कुबूल किया है. उसने बताया कि आपराधिक गिरोहों से प्राप्त रुपयों को उसने मनीष जैन के द्वारा ही हवाला के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया है. मनीष जैन इस काम के लिए प्रति एक लाख में 3600 रुपये कमीशन लेता था. खलारी के लालेश्वर महतो एवं रांची के भाजपा नेता रमेश सिंह से भी उसे सहयोग मिलता रहा है. रमेश सिंह के कहने पर ही वह मशहूर बिल्डर अभय सिंह के घर में गोली चलवा दिया था. अमन साहू ने बताया कि उसके ऊपर वर्ष 2012 से अभी तक कुल 91 हत्या, लूट, रंगदारी जैसे संगीन अपराधों के मामले विचाराधीन हैं. उसने बालूमाथ में 19 फरवरी 23 को टोरी शिवपुर रेल लाइन में हुई घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर लिया है. बालूमाथ के कोयला कारोबारी राजेंद्र साहू के घर में उसके गुर्गों ने उसके खिलाफ गवाही नहीं देने के लिए पर्चा भी छोड़ा था. [wpse_comments_template]

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