Subodh Kumar Singh Sahibganj : जिले के 1265 सरकारी स्कूलों में से 2008 से 2011 के बीच 607 स्कूलों में तड़ित चालक [लाइटिंग कन्डक्टर] लगाए गए थे. उसमें से 90 प्रतिशत चोर ले गए, 10 प्रतिशत खराब हो गए. आज की तारीख में एक भी काम नहीं कर रहा है. 2008-11 में अपग्रेड मध्य विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने के लिए 24,000 से 36,000 रूपए का प्रावधान किया गया था. विद्यालयों में तड़ित चालक लगा भी. लेकिन, उन पर चोरों की `कृपा` हो गई. 2011 के बाद फिर नहीं लगे. दूसरा प्रस्ताव अभी तक नहीं गया है. चालधोवा के एक छात्र सुकरा तुरी ने बताया कि तड़ित चालक नहीं लगने से स्कूल में व्रजपात का भय रहता है. चसगांवा नया टोला के अभिभावक नंदलाल साह ने कहा कि तड़ित चालक स्कूल में लगाना जरूरी है. इससे बच्चे सुरक्षित रहेंगे. कुम्हारजोरी पंचायत की मुखिया धर्मी पहाड़िन ने कहा कि उनके पंचायत के स्कूलों में विकास फंड आने पर तड़ित चालक लगाया जाएगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश झा ने कहा कि स्कूलों में तड़ित चालक लगाया गया था, लेकिन चोर ले गए. बोरियो के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अहमद हुसैन ने कहा कि तड़ित चालक लगाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र भेजा जाएगा. जिले में 1265 स्कूल है, जिसमें से 607 स्कूलों में तड़ित चालक 2008 से 2011 के बीच लगाए गए थे. लेकिन, लगभग 90 प्रतिशत चोरी हो गए और 10 प्रतिशत खराब -अनिरुद्ध कुमार, शिक्षा विभाग में कनीय अभियंता यह भी पढ़ें : शपथ">https://lagatar.in/dhanbad-celebrations-in-nirsa-with-the-swearing-in-of-president-draupadi-murmu/">शपथ
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साहिबगंज में 90 प्रतिशत तड़ित चालक छूमंतर, 10 % खराब

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