- हेमंत सोरेन का इंडिया गठबंधन समन्वय समिति का सदस्य बनने के बाद भाजपा की बेचैनी बढ़ गयी है
- सरकार गठन से लेकर अब तक भ्रम फैलाकर आदिवासी सीएम को परेशान किया जा रहा है, इसका जवाब 2024 में जनता देगी
- केंद्र सरकार जांच ही कराना चाहती है, तो गुजरात से लेकर एमपी तक की सरकारों की समेकित जांच हो
हर मामले की जांच निष्पक्षता से कराए केंद्र
भट्टाचार्य ने कहा कि अगर केंद्र सरकार और भाजपा का भ्रष्टाचार पर नीयत साफ है, तो वह हर मामले की जांच निष्पक्षता से कराए. गुजरात बिजली कॉरपोरेशन के द्वारा अडाणी पर गंभीर आरोप लगाए गए. मध्य प्रदेश का व्यापं घोटाला किसी से छिपी नहीं है. एनसीपी नेता अजीत पावर पर 70 हजार करोड़ के घोटोले का आरोप लगता है और फिर 72 घंटे के बाद उन्हें महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बना दिया जाता है. असम में भी यही खेल हुआ. एक घोटाले के आरोपी को सीएम बना दिया जाता है. ऐसे कई मामले हैं, जहां पर भाजपा की सरकार बनने के पूर्व गंभीर आरोप लगे हैं. केवल गैर भाजपाई सरकारों को डराने एवं धमकाने का खेल बंद होना चाहिए.भाजपा के चाणक्य को ऑडिटोरियम में करनी पड़ रही है आम सभा
सुप्रियो भट्टाचार्य ने इंडिया गठबंधन के नेता राहुल गांधी के हैदराबाद में हुई सभा और उसमें उमड़ी भीडृ़ का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो हालात इतने खराब हो चले हैं कि भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह को छत्तीसगढ़ में आम सभा मैदान में नहीं ऑडिटोरियम में करनी पड़ रही है. ऐसा नहीं है कि भाजपा जो कर रही और जिसे छिपाने का प्रयास करती रहती है, उसे देश की जनता नहीं जान रही है. 2024 में इसका उत्तर मिल जाएगा.महिला आरक्षण बिल 2010 में राज्यसभा से पारित बिल का नया फ्लेवर
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को 2010 में राज्यसभा से पारित बिल का नया फ्लेवर करार दिया. कहा कि इस बिल का फायदा जब तक नयी जातिगत गणना रिपोर्ट नहीं आएगी, तब तक नहीं मिल सकता है. क्योंकि अभी भी देश में 2011 का ही आंकड़ा है. कोरोना के कारण 2021 में राष्ट्रीय जनगणना नहींं हुई, आगे सरकार कराएगी या नहीं, इसका भी अता-पता नहीं है. यानी कुल मिलाकर यह बिल लोकसभा चुनाव में एक झुनझुना की तरह ही होगा. नया बिल पास कराने के लिए राज्यसभा से पारित बिल को पहले केंद्र सरकार को वापस लेना होगा. मोदी सरकार ने पहले किचन रूम का सामानों का दाम बढ़ाकर महिलाओं को परेशान किया. अब चुनावी आहट के बीच इस बिल के जरिए आधी आबादी को ठगना चाह रही है.शिबू सोरेन रूटीन चेकअप के लिए कुछ दिन दिल्ली में ही रहेंगे
सुप्रियो भट्टाचार्य ने झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के स्वास्थ्य के बारे में बताया कि वे अभी ठीक हैं. अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है. उनका रूटीन चेक अप होना है. इसलिए अभी कुछ दिनों तक वे दिल्ली में ही रहेंगे. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ही हेमंत सोरेन रांची लौट आए हैं. इसे भी पढ़ें – ‘शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-impact-liquor-trade-stopped-in-hazaribagh/">‘शुभमसंदेश’ इंपैक्ट : हजारीबाग में शराब के गोरखधंधे पर लगा विराम [wpse_comments_template]
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