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टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग में नन वर्क्स कर्मचारियों को भी इंसेंटिव बोनस देने की उठी मांग

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Jamshedpur : टाटा वर्कर्स यूनियन की दूसरे दिन की कमेटी मीटिंग मंगलवार को हुई. इसमें सर्वप्रथम यूनियन के मृत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद प्रधानमंत्री श्रम अवॉर्ड पाने वाले टाटा स्टील के नौ कर्मचारियों को बुके देकर सम्मानित किया गया. प्रधानमंत्री श्रम अवॉर्ड पाने वालों को टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी ने सम्मानित किया. यूनियन के महामंत्री सतीश कुमार सिंह ने पिछले कमेटी मीटिंग के मिनट्स को रखा. यूनियन के कोषाध्यक्ष ने पिछले चार महीने नवंबर व दिसंबर (2020) और जनवरी व फरवरी (2021) के आय व्यय का लेखाजोखा पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया. यूनियन अध्यक्ष ने कमेटी मेंबरों के सवाल और सुझाव सुनने के बाद सभी का समाधान करने का आश्वासन दिया.

हर कमेटी मीटिंग में एनी अदर मैटर रखा जाए : राकेश कुमार सिंह (टीएमएच)

कमेटी मीटिंग में टीएमएच के कमेटी मेंबर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि हर कमेटी मीटिंग में एनी अदर मैटर रखा जाए, ताकि कमेटी मेंबर कर्मचारियों की समस्याओं को रख और सुझाव दे सकें. पिछली कमेटी मीटिंग में कमेटी मेंबरों द्वारा पूछे गए सवाल, कर्मचारियों की समस्याओं और उनके सुझाव पर क्या प्रोग्रेस है, इसकी भी जानकारी दी जाए. टाटा स्टील में आउट सोर्सिंग को बंद किया जाना चाहिए. इंसेटिंव बोनस (आईबी) नन वर्क्स कर्मियों को भी मिलना चाहिए. कंपनी में देर से पहुंचने पर व्हीकल एलाउंस कटना बंद हो.

2018 से 2021 तक हुए समझौते की हस्ताक्षरयुक्त कॉपी कमेटी मेंबरों को भी दी जाए : विकास दास (एलडी थ्री)

एलडी थ्री के कमेटी मेंबर विकास दास ने कहा कि 2018 से 2021 तक हुए सभी समझौतों की हस्ताक्षरयुक्त कॉपी कमेटी मेंबरों को नहीं दी गई है. इसकी एक-एक कॉपी सभी कमेटी मेंबरों को दी जानी चाहिए. इससे समझौते की सही जानकारी उन्हें भी रहेगी. टाटा स्टील में ब्रिज कोर्स को समाप्त कर दिया जाए. बाहर से डिप्लोमा करके आने वालों को यह कोर्स करना पड़ता है. इसमें अधिकांश लोग पास नहीं होते हैं, क्योंकि एसएनटीआई इवनिंग डिप्लोमा कोर्स बहुत टफ है. उसे रिवाइज किया जाए, ताकि लोग पास हो सकें. विकास दास ने कहा कि टाटा वर्कर्स यूनियन अपना घर का सपना पूरा कराए. जेडीसी की स्थिति में सुधार होना चाहिए.

टाटा वर्कर्स यूनियन की नई टीम ने अब तक सभी  समझौते में फायदा कराया : राजेश (लाइम लाइट)

लाइम लाइट विभाग के कमेटी मेंबर राजेश ने कहा कि संजीव चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी ने अब तक दो-तीन समझौते कराए, जिसमें कर्मचारियों का फायदा कराया है. पिछली टीम की जगह यह टीम रहती तो कर्मचारियों का ग्रेड रिवीडन भी बहुत अच्छा होता. पिछला ग्रेड रिवीजन आठ वर्ष पूर्व हुआ था. वह उतना फायदेमंद नहीं था. उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारियों की तरह कर्मचारियों के लिए भी फ्लैक्सी पंच की सुविधा बहाल की जाए. ताकि कर्मचारी पंच करना भूल गए तो भी देर से पंच कर सकें.

बारीडीह डिस्पेंसरी में  गायनोकोलॉजिस्ट व पेड्रियाटिक डॉक्टर भी बैठें : श्रीनिवास (एमईडी इलेक्ट्रिकल

एमईडी इलेक्ट्रिकल के कमेटी मेंबर श्रीनिवास ने कहा कि बारीडीह सुपर डिस्पेंसरी में फीजियोथेरेपी क्लिनिक की सुविधा शुरू की जाए. गायनोकोलॉजिस्ट और पेड्रियाटिक के डॉक्टर भी बैठें, ताकि लोगों को इलाज के लिए टीएमएच नहीं आना पड़े. टाटा स्टील के स्थायी प्रवृति के काम को आउटसोर्स नहीं किया जाना चाहिए.

एमडी ऑनलाइन की तरह प्रेसिडेंट ऑनलाइन भी शुरू होना चाहिए एसके सिंह (न्यू बार मिल)

न्यू बार मिल (एनबीएम) के कमेटी मेंबर एसके सिंह ने कहा कि टाटा स्टील में हर महीने की पहली तारीख को एमडी ऑनलाइन होता है और सभी कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं जातीं हैं. टाटा वर्कर्स यूनियन में भी एमडी ऑनलाइन की तर्ज पर टाटा वर्कर्स यूनियन या प्रेसिडेंट ऑनलाइन शुरू किया जाना चाहिए. आईबी आठ साल पूर्व किया गया था. इसे रिवाइज किया जाए.

टीएमएच में नर्सों की संख्या घटकर 90 हुई, मैनपावर बढ़ाया जाए : प्रशासी चक्रवर्ती (नर्स, टीएमएच)

टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) की कमेटी मेंबर नर्स प्रशासी चक्रवर्ती ने कहा कि जब उन्होंने टीएमएच में ज्वाइन किया था उस समय 550 नर्सें काम करती थीं. अब इनकी संख्या घटकर 90 हो गई हैं. 2024 तक यह संख्या 60 हो जाएगी. यूनियन को इसे रोकना चाहिए. नर्सों की संख्या फिक्स कर दी जाए कि कितनी नर्सें रहेंगी. टीएमएच की ही कमेटी मेंबर नर्स मीणू कुमारी ने कहा कि उन्होंने 1985 में ज्वाइन किया था. उस समय टीएमएच में नर्सों की संख्या 750 थी, जो वर्तमान में घटकर 90 रह गई है. इसे बढ़ाकर लगभग 180 की संख्या पर फिक्स कर देना चाहिए.

कर्मियों का ग्रुप इंश्योरेंस करें, ताकि मरने के बाद परिजन को 50 लाख मिले : प्रदीप कुमार (एसएमडी)

एसएमडी के कमेटी मेंबर प्रदीप कुमार ने कहा कि टाटा स्टील के कर्मचारियों का ग्रुप इंश्योरेंस किया जाए, ताकि उनके मरने के बाद परिजन को 50 लाख रुपए मिले. मुंबई में टाटा कैंसर हॉस्पिटल के आसपास टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए गेस्ट हाउस बनाया जाए, ताकि इलाज के लिए वहां जाने पर परेशानी नहीं हो. टाटा स्टील में ग्रेड टू से थ्री में और थ्री से फोर में टाइम बांड प्रमोशन मिले. मेंटेनेंस में ग्रुप फोर का गठन होना चाहिए.

2020 जनवरी से ज्वाइन करने वाले कर्मियों को डीए शून्य मिल रहा : सौम्य रंजन दास (स्टील मेकिंग)

स्टील मेकिंग के कमेटी मेंबर सौम्य रंजन दास ने कहा कि पिछले ग्रेड रिवीजन में मीनिमम ग्रांटेड बेनीफिट (एमजीबी) बेसिक के स्लैब में नहीं जोड़ा गया. इस वजह से कर्मचारियों का सालाना इंक्रीमेंट वैल्यू कम हो गया है. 2020 जनवरी के बाद ज्वाइन करने वालों को डीए शून्य मिल रहा है. एलडी टू के कमेटी मेंबर रफीक ने कहा कि टाटा स्टील के कर्मचारियों से बिना पूछे पानी का रेट 125 रुपए लिया जा रहा है. इसलिए कम से कम गर्मी में दिन भर में तीन बार पानी दिया जाना चाहिए.

कर्मचारियों को भी अधिकारियों की तरह टाटा हॉलिडे प्लान मिले : संजय कुमार सिंह (आरएमएम)

आरएमएम के कमेटी मेंबर संजय कुमार सिंह ने कहा कि टाटा स्टील के कर्मचारियों को गेस्ट हाउस के बदले अधिकारियों की तरह हॉलिडे प्लान दिया जाना चाहिए. एलडी थ्री के कमेटी मेंबर श्याम बाबू ने कहा कि क्वार्टर एलॉटमेंट की पॉलिसी रिवाइज की जानी चाहिए. रिवाइज कर इसमें व्याप्त कमी को दूर कर नई पॉलिसी बनाई जाए. [wpse_comments_template]

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