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कॉमनवेल्थ अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, भारतीय चिंतन में न्याय को बहुत महत्व दिया गया है...

New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (CLEA) और कॉमनवेल्थ अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल कॉन्फ्रेंस (CASGC) 2024 के  उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित CJI डीवाई चंद्रचूड़ भी उपस्थित थे.                   ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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भारत की अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ का जी20 का हिस्सा बनना गर्व की बात है

पीएम मोदी ने कॉन्फ्रेंस की थीम क्रॉस-बॉर्डर चैलेंजेस इन जस्टिस डिलीवरी.. पर अपने विचार रखे. यह विषय न्यायिक परिवर्तन, कानूनी अभ्यास के नैतिक आयाम, कार्यकारी जवाबदेही और कानूनी शिक्षा के आधुनिकीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित रहा. अपने भाषण के क्रम में पीएम मोदी ने कहा, भारत की अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ का जी20 का हिस्सा बनना गर्व की बात है. पीएम ने टेटर फंडिंग, देशों के बीच के संबंध, 21वीं सदी की चुनौतियों पर चर्चा की. पीएम ने कहा, अफ्रीकी संघ के साथ भारत का विशेष संबंध हैं.

 क्रिमिनल्स का कई देशों और क्षेत्रों में बड़ा नेटवर्क है

पीएम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे अपराधों पर कहा कि क्रिमिनल्स का कई देशों और क्षेत्रों में बड़ा नेटवर्क है. कहा कि वे फंडिंग और ऑपरेशन्स को अंजाम देने लिए हाई-टेक्निक अपना रहे हैं. क्रिप्टो करेंसी के बढ़ने का जिक्र करते हुए कहा कि साइबर खतरों के कारण हमारे सामने नयी चुनौतियां सामने आ रही हैं. मोदी ने कहा, भारत मौजूदा वास्तविकताओं के अनुरूप कानून में बदलाव भी कर रहा है. तीन नये कानूनों ने 100 साल से अधिक पुराने औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों की जगह ले ली है. पहले, ध्यान सजा और दंडात्मक पहलुओं पर था. अब, ध्यान न्याय सुनिश्चित करने पर है. इसलिए नागरिकों में डर के बजाय आश्वासन की भावना है. भारतीय चिंतन में न्याय को बहुत महत्व दिया गया है. पीएम ने कहा, 21वीं सदी की चुनौतियों से 20वीं सदी के दृष्टिकोण से हम नहीं लड़ सकते. [wpse_comments_template]

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