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पीठासीन अध्यक्षों -सभापतियों के सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, EVM के कारण चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी हुई है...

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New Delhi : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लगभग 100 करोड़ भारतीय अगले वर्ष लोकसभा चुनाव में मतदान करने के योग्य होंगे. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) ने देश की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ा दी है. मोदी ने यहां जी20 के सदस्य देशों की संसदों के पीठासीन अध्यक्षों एवं सभापतियों (पी20) के नौवें सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में आज शुक्रवार को यह बात कही.                                                                                                         ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

 
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25 वर्ष से ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है

पीएम ने सम्मेलन में आये प्रतिनिधियों को लोकतंत्र के उत्सव (2024 की गर्मियों में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव) को देखने के लिए अगले साल फिर से भारत आने के वास्ते आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भारी मतदान देश की संसदीय परंपराओं में लोगों के भरोसे को दर्शाता है. पिछले संसदीय चुनाव में 91 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 67 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा कि देश की चुनावी प्रक्रिया का आधुनिकीकरण किया गया है. पिछले 25 वर्ष से ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ईवीएम से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आयी है.

2019 के चुनाव में महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी देखी गयी

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब चुनाव परिणाम मतगणना शुरू होने के कुछ घंटों के भीतर ही पता चल जाते हैं. मोदी ने याद किया कि पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने उनकी भारतीय जनता पार्टी को लगातार दूसरी बार विजयी बनाया था. उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी चुनावी कवायद थी, जिसमें पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या पूरे यूरोप की आबादी से अधिक थी. उन्होंने प्रतिनिधियों को बताया कि 2019 के चुनाव में महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी देखी गयी.

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये हैं

राजनीतिक भागीदारी के बढ़ते दायरे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले आम चुनाव में 600 से अधिक राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया था और एक करोड़ सरकारी कर्मचारियों ने चुनाव का काम किया था. उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए 10 लाख मतदान केंद्र बनाये गये थे. बता दें कि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये हैं. कुछ दल मतपत्र प्रणाली का फिर से इस्तेमाल किये जाने की मांग कर रहे हैं. [wpse_comments_template]

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