को राज्यों में अल्पसंख्यक का दर्जा? मोदी सरकार ने SC में कहा, राज्यों से बात करनी होगी
मुस्लिम समाज को दो तरीकों से एकजुट किया जा सकता है
जान लें कि मिस्र के मंत्री डॉ मोहम्मद मोख्तार गोमा ने इस्लामिक एकता को लेकर कहा कि मुस्लिम समाज को दो तरीकों से एकजुट किया जा सकता है. पहला विवेकशील और तर्कसंगत तरीका है जिसकी मिसाल इस कॉन्फ्रेंस के जरिये दी जा रही है. दूसरा तरीका काल्पनिक और असंभव है जिसका इस्तेमाल चरमपंथी और आतंकवादी संगठन अपने फायदे के लिए कर रहे हैं. ये दुनियाभर के मुस्लिमों को एक राष्ट्र और एक झंडे के तहत लाने का प्रयास कर रहे हैं. इस क्रम में उन्होंने कहा, इस आधुनिक समय में किसी नवगठित देश के तहत इस्लामिक एकता लाने की असंभव कोशिश करने के बजाय अपने देश, झंडे और भूमि के प्रति ईमानदारी रखना अधिक जरूरी है. डॉ. गोमा ने कहा कि यह व्यर्थ का प्रयास राष्ट्र को कमजोर करता है और गैर मुस्लिम समुदायों में रह रहे मुस्लिम अल्पसंख्यकों को अलग-थलग करता है. इसे भी पढ़ें : ओडिशा">https://lagatar.in/cyclone-asani-moving-towards-odisha-rain-with-strong-winds-in-andhra-odisha-government-on-alert/">ओडिशाकी ओर बढ़ रहा Cyclone Asani, आंध्र में तेज हवाओं के साथ बारिश, ओडिशा सरकार अलर्ट पर
मुस्लिम समाज में एकता का आधार विज्ञान होना चाहिए
कॉन्फ्रेंस में पहले दिन यूएई के सहिष्णुता मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक ने कहा कि मुस्लिम समाज में एकता का आधार विज्ञान होना चाहिए. कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने मुस्लिम समुदाय को एकजुट करने के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं पर चर्चा की. शेख नाहयान ने कहा, मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूं लेकिन इस्लाम, विज्ञान और ज्ञान का धर्म है इसलिए यह जरूरी है कि विज्ञान और रिसर्च मुस्लिम एकता की नींव बने. शेख नाहयान ने यह भी कहा कि पर्यावरणीय स्थिरता और खाद्य सुरक्षा जैसे अन्य विषयों को एकजुट मुस्लिम समाज का केंद्र होना चाहिए. कहा कि यूएई सहिष्णुता, राष्ट्रनिर्माण और विकास का उदाहरण है. मुस्लिम समाज में एकता लाने के लिए इसके भीतर और बाहर की चुनौतियों को समझने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें : माइनिंग">https://lagatar.in/mining-lease-case-cm-hemant-soren-seeks-additional-time-to-reply-to-ec/">माइनिंगलीज मामला : EC को जवाब के लिए CM हेमंत सोरेन ने मांगा अतिरिक्त समय

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