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चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा में पांच साल में रोजगार का हाल बेहाल, गायब हो रही है नौकरियां

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 NewDelhi : उत्तर प्रदेश, पंजाब में रोजगार का हाल बेहाल है. बेरोजगारी बढ़ रही है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) से मिले आंकड़े यही कह रहे हैं. खबर है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में दिसंबर 2021 के अंत तक रोजगार पाने वालों की कुल संख्या पांच साल पहले की तुलना में कम हो गयी है. जान लें कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) भारत की अर्थव्यवस्था पर नज़र रखने वाली संस्था है. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diary-10-january-2022/">सुबह

की न्यूज डायरी।11 जनवरी।सिमडेगा कांडःराज्यपाल से मिले भाजपाई।जमीन के खेल में खलारी सीओ।कोरोना की चपेट में कई नेता।कोरोना पर नई गाइडलाइन।समेत कई खबरें और वीडियो

  विधानसभा चुनाव  होने वाले हैं

सीएमआईई के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले पांच सालों में कुल कामकाजी उम्र की आबादी 14.95 करोड़ से 14 प्रतिशत (2.12 करोड़) बढ़कर 17.07 करोड़ पर पहुंच गयी है.  रिपोर्ट के अनुसार नौकरियों वाले लोगों की कुल संख्या में 16 लाख तक की कमी आयी है. यूपी में रोजगार दर दिसंबर 2016 में 38.5 प्रतिशत से गिरकर दिसंबर 2021 में 32.8 प्रतिशत पर पहुंच गयी है. इसका मतलब अगर यूपी में दिसंबर 2021 में उतनी ही रोजगार दर होती जितनी दिसंबर 2016 में थी, तो इसके अतिरिक्त 1 करोड़ निवासियों के पास आज नौकरी होती. बता दें कि इन राज्यों में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं.

  पंजाब  का हाल भी कुछ ऐसा ही है

पंजाब  का हाल भी कुछ ऐसा ही है. पंजाब में पांच साल पहले 2.33 करोड़ रोजगार पाने योग्य उम्र की आबादी में से 98.37 लाख से अधिक के पास रोजगार था. वहीं यह आबादी लगभग 11 प्रतिशत बढ़कर 2.58 करोड़ होने के बाद अब कुल रोजगार युक्त लोग 95.16 लाख (3.21 लाख कम) रह गये हैं. उत्तराखंड में पिछले पांच वर्षों में कार्यरत लोगों की संख्या लगभग 14 प्रतिशत या 4.41 लाख घटकर 27.82 लाख पर पहुंच गयी है. इस स्थिति में कामकाजी उम्र की आबादी लगभग 14 प्रतिशत बढ़कर 91 लाख हो गयी है. दिसंबर 2021 में राज्य की रोजगार दर गिरकर 30.43 प्रतिशत हो गयी, जबकि दिसंबर 2016 में यह 40.1 प्रतिशत पर थी.

  गोवा में पांच सालों में रोजगार की दर में सबसे तेज गिरावट  

गोवा में पिछले पांच सालों में रोजगार की दर में सबसे तेज गिरावट देखने को मिली है. यह दिसंबर 2016 में 50 प्रतिशत थी जो अब 32 प्रतिशत से नीचे है. यानी पांच साल पहले गोवा की कामकाजी उम्र की आबादी में हर दूसरे व्यक्ति के पास नौकरी थी, लेकिन अब यह अनुपात गिरकर तीन में से एक हो गया है. आंकड़े कहते हैं कि जहां भारत की कुल कामकाजी उम्र की आबादी 12.5 प्रतिशत बढ़कर 96 करोड़ से 108 करोड़ हो गयी है, वहीं रोजगार पाने वाले लोगों की कुल संख्या लगभग 2 प्रतिशत 41.2 करोड़ से घटकर 40.4 करोड़ पर पहुंच गयी है. [wpse_comments_template]

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