Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

जेपीएससी मामले में सीएम ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, समाज को बांटने वाला बयान देकर मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को छुपाया- अमर बाउरी

Advertisement
Advertisement
Ranchi : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन जब एक बार फिर 2 बजकर 7 मिनट में सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो बीजेपी विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि सरकार ने ब्लड पर टैक्स लगाकर गरीबों का खून चूसने का काम कर रही है. वहीं सीपी सिंह ने कहा कि भानु ने सरकार के सभी मंत्रियों को निक्कमा कहा है. तो क्या मान लिया जाये कि वाकई इस सरकार के सभी मंत्री निक्कमे हैं. इसे भी पढ़ें - विधायक">https://lagatar.in/mla-pradeep-yadav-raised-question-on-e-pos-machine-said-government-spent-250-crores-for-78-crore-machine/">विधायक

प्रदीप यादव ने ई- पॉस मशीन पर उठाया सवाल, कहा- 78 करोड की मशीन के लिए सरकार ने खर्च किये 250 करोड़

सीबीआई जांच कराने से क्यों परहेज कर रही है- अमर बाउरी 

सदन में जेपीएससी मामले पर आज सीएम हेमंत सोरेन ने भी जवाब दिया है. जिसके बाद बीजेपी विधायक अमर बाउरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जेपीएससी पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया हैं. CM ने कहा है कि पूर्व में गड़बड़ी करने वाले आज जेल में है. तो तय है कि वे भी कल जेल में होंगे. अमर बाउरी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को लगता है कि जेपीएससी में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, तो वे सीबीआई जांच कराने से क्यों परहेज कर रही है. अमिताभ चौधरी को आयोग का अध्यक्ष बनाने को लेकर अमर बाउरी ने कहा कि मुख्यमंत्री झारखंडियों की बात करते हैं तो बताये कि क्या अमिताभ चौधरी का खतियान देखकर अध्यक्ष बनाये हैं. इसे भी पढ़ें -JPSC">https://lagatar.in/cm-said-on-jpsc-said-today-when-dalit-tribal-children-are-moving-forward-then-those-who-think-of-manuwadi-are-feeling-pain-in-their-stomach/">JPSC

पर बोले सीएम, कहा- आज जब दलित आदिवासी बच्चे आगे बढ़ रहे हैं, तो मनुवादी सोच वालों के पेट में हो रहा दर्द

समाज को बांटने वाला का बयान देकर मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को छुपाया

जेपीएससी में सरकार के किसी भी तरह के दखल नहीं देने वाले मुख्यमंत्री के बयान पर अमर बाउरी ने कहा कि सरकार का पूरे मामले में दखल है. उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाला  बयान देकर मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को छुपाया है. अमर बाउरी ने कहा कि  जेपीएससी परीक्षा में अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, तो आयोग ने बाद में क्यों 49 अभ्यर्थियों को फेल घोषित किया. आयोग के तर्क हैं कि इन 49 बच्चों का ओएमआर शीट नहीं था. लेकिन सच है कि पहले ही सभी अभ्यर्थियों का OMR शीट गायब किया गया था. बीजेपी ऐसे ही CBI जांच की मांग नहीं कर रहे हैं. क्योंकि आयोग में जो लोग बैठे हुए हैं, सभी किसी के नियंत्रण में है. इसे भी पढ़ें -शीतकालीन">https://lagatar.in/winter-session-6-mlas-brought-adjournment-motion-regarding-jpsc-exam-house-adjourned-till-2-pm/">शीतकालीन

सत्र : 6 विधायकों ने JPSC परीक्षा को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया, सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित

मुख्यमंत्री बांटने का राजनीतिज्ञ कर रहे हैं

नियुक्ति वर्ष पर सवाल उठाते हुए बाउरी ने कहा कि सरकार इसमें भी फेल हुई है. नियुक्ति की जगह पूर्व के विज्ञापनों को वर्तमान सरकार ने खत्म किया है. पंचायत सचिव अभ्यर्थियों की बात बताते हुए अमर बाउरी ने कहा कि आज जब सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, तो उनकी नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है. सरकार पर तुष्टीकरण पर पराकाष्ठा का आरोप लगाते हुए अमर बाउरी ने कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से हिंदी को हटाकर उर्दू को शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री बांटने का राजनीतिज्ञ कर रहे हैं. यह समय बतायेगा कि उनकी सरकार कब तक सत्ता में रहेगी.

हेमंत सरकार का वादा पूरी तरह षडयंत्र और छल कपट वाला था

बीजेपी विधायकों ने कहा कि जब सीएम विपक्ष में थे तो सत्ता में आने के लिए झारखंड के 5 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था. इसी तरह पारा शिक्षक, साहियाओ जैसे अनुबंधकर्मियों को स्थायी करने का वादा किया था, जो 2 साल बाद भी पूरा नहीं किया. अमर बाउरी ने कहा कि हेमंत सरकार का वादा पूरी तरह षडयंत्र और छल कपट वाला था.

हेमंत सरकार का कार्यकाल काले अक्षरों में लिखा जायेगा

अमर बाउरी ने कहा कि हेमंत सरकार का कार्यकाल काले अक्षरों में लिखा जाएगा. अगर सरकार की नियत साफ होती तो 2 साल में स्थायी नीति जरूर बनाती. लेकिन सरकार की मंशा नहीं है कि झारखंड के लोगों का विकास हो. सरकार ने राज्य के सभी लोगों को केवल वोट बैंक की तरह उपयोग किया है.

अमर बाउरी ने पूछा सरकार बताये किस को स्थानीय मानती है

अमर बाउरी ने कहा सरकार बताये कि वह किस को स्थानीय मानती है. क्या राज्य से मैट्रिक पास करने वाला ही झारखंड का स्थायी होगा. हेमंत सरकार झारखंड के खतियान वाले लोगों को भी स्थायी नहीं मान रही है. रोजगार नहीं देकर सरकार झारखंड के बेरोजगार युवाओं को मुर्गा बेचने, सूअर पालन करने की सलाह दे रही है. सरकार का कहा गया रोजगार देने वाला वादा. अमर बाउरी ने कहा कि राज्य में ट्रांसफर पोस्टिंग व्यापार बन गया है. ट्रांसफर पोस्टिंग का हर दो-तीन महीने में टॉप अप भराया जा रहा है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही