Ranchi: जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा बैकलॉग 2026 (वर्ष 2021, विज्ञापन 5/ 2026 एवं वर्ष 2024, विज्ञापन 6/ 2026) को चुनौती देने वाली अमित कुमार एवं अन्य की याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई.
मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने जेपीएससी एवं राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी. प्रार्थियों की ओर से उक्त दोनों बैकलॉग परीक्षा की अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र सीमा वर्ष 2018 करने का आग्रह किया गया है. जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पक्ष रखा.
प्रार्थी के अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने बैकलॉग परीक्षा विज्ञापन संख्या 5/ 2026 के लिए अधिकतम उम्र सीमा 1 अगस्त 2022 एवं विज्ञापन संख्या 6/2026 के लिए अधिकतम उम्र सीमा 1 अगस्त 2017 निर्धारित की है.
उक्त बैकलॉग परीक्षा विज्ञापन 18 मार्च 2026 को जेपीएससी ने निकाला है. यह बैकलॉग परीक्षा रेगुलर परीक्षा के वह बचे हुए सीट जिसपर अभ्यर्थियों ने किसी कारण नियुक्ति नहीं ली या जेपीएससी द्वारा भरी नहीं जा सकती, उसी बची सीट के लिए है.
बैकलॉग परीक्षा रेगुलर परीक्षा के ही प्रक्रिया का हिस्सा है. इसलिए उसमें भी कट ऑफ डेट वही रहना चाहिए जो रेगुलर परीक्षा के लिए रखा गया था. जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2021 के रेगुलर परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा का कट ऑफ डेट 1 अगस्त 2016 रखा गया था और 2024 के रेगुलर परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा का कट ऑफ डेट 1 अगस्त 2017 रखा गया था.
अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने 22 फरवरी 2026 को नोटिफिकेशन जारी कर निर्णय लिया था कि जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के बैकलॉग एवं रेगुलर दोनों में अधिकतम उम्र सीमा 1 अगस्त 2022 रहेगी. चूकि यह बैकलॉग परीक्षा 2021 और 2024 की है इसलिए इसमें सरकार द्वारा वर्ष 2026 का नोटिफिकेशन इसमें लागू नहीं किया जाना चाहिए.
इसलिए इन दोनों बैकलॉग परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा वर्ष 2018 निर्धारित की जाए. बता दें कि उक्त सिविल सेवा परीक्षा के विज्ञापन संख्या 5 /2026 में 45 पदों एवं विज्ञापन संख्या 6/26 में साथ 7 पदों को भरने के लिए बैकलॉग परीक्षा ली जानी है.
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