Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

देश की सुरक्षा में पिछले 8 साल में झारखंड के 41 जवान हुए शहीद

Advertisement
Advertisement
Ranchi :  झारखंड के 41 मिलिट्री और पारा मिलिट्री जवान पिछले 8 साल में देश की सुरक्षा में शहीद हो चुके हैं. विधानसभा में विधायक प्रदीप यादव के अल्प सूचित प्रश्न के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी है. प्रदीप यादव ने पूछा कि क्या यह सही है कि भारत और झारखंड सरकार से मिलने वाली सुविधाएं अब तक उनके आश्रितों को नहीं मिला है. जिस कारण उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें - ऐश्वर्या">https://lagatar.in/aishwarya-rai-will-not-appear-before-ed-today-agency-will-issue-new-notice-soon/">ऐश्वर्या

राय आज ईडी के सामने नहीं होंगी पेश, जल्द नया नोटिस जारी करेगी एजेंसी

वर्तमान में 2 मामले निर्णय के प्रक्रियाधीन हैं

इस पर सरकार की ओर से बताया गया कि शहीद परिवारों को विशेष अनुग्रह अनुदान के रूप में झारखंड गठन की तारीख से 2 लाख रुपए और 2018 से 10 लाख रुपए तथा अनुकंपा के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति का प्रावधान है. प्रावधान के तहत डीसी से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में अनुमान्य लाभ की स्वीकृति विभाग के स्तर से प्रदान की जाती है. सरकार ने बताया कि राज्य के शौर्य पुरस्कार से अलंकृत शहीद सैनिकों के आश्रित परिवार को शौर्य पुरस्कार श्रेणी के अनुरूप एकमुस्त नगद राशि का भुगतान करने का प्रावधान है. वर्तमान में 2 मामले निर्णय के प्रक्रियाधीन हैं. इसे भी पढ़ें -दिल्ली">https://lagatar.in/cold-rises-in-delhi-temperature-reaches-3-2-degree-celsius-drizzle-likely/">दिल्ली

में बढ़ी ठंड, पारा 3.2 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, बूंदा-बांदी की संभावना

आश्रित परिवार को मिलने वाली सुविधाएं भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है

सरकार ने बताया कि वीरगति प्राप्त मिलिट्री और पारा मिलिट्री जवानों के आश्रित परिवार को मिलने वाली सुविधाएं उनके पैतृक संगठन भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है. शहीद के आश्रित को अनुमान्य लाभ की स्वीकृति उनके पैतृक संगठन से नहीं किये जाने की सूचना सरकार के संज्ञान में नहीं है. इसे भी पढ़ें -रिम्स">https://lagatar.in/rims-intern-doctors-did-not-get-stipend-for-3-months-increased-trouble/">रिम्स

के इंटर्न डॉक्टर्स को 3 महीने से नहीं मिला स्टाइपेंड, बढ़ी परेशानी [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही