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बेटियों की हो जाती है शादी, बेटे रह जाते हैं कुंवारे
[caption id="attachment_575564" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> पिपरिया प्रखंड के पथुआ, कनहरपुर, डीह पिपरिया और बसौना पहुंचने के लिए एकमात्र रास्ता...इसकी हालत देख आप समझ सकते हैं क्या स्थिति है.[/caption] पिपरिया प्रखंड के पथुआ, कनहरपुर, डीह पिपरिया और बसौना की बेटियों की शादी तो हो जाती है, लेकिन बेटे कुंवारे रह जाते हैं. शायद ही किसी के बेटे की बारात इन गांवों से निकल पाती है. ऐसा नहीं है कि इन गांवों में ज्यादा गरीबी है. यहां के लोग खेती से अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं. बिजली, पानी और विद्यालय भी हैं, लेकिन बस एक सड़क नहीं होने के कारण इन चार गांवों में लोग बेटियों की शादी नहीं करना चाहते. सड़क ना होना इन गांवों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है. यह क्षेत्र अब कुवारों की बस्ती बनती जा रही है. यहां के लोग स्थानीय विधायक, सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक से सड़क की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अबतक आश्वासन के अलावा इन्हें कुछ हासिल नहीं हो सका है. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/yogasana-competition-on-march-12-in-ranchi-220-participants-taking-part/">रांची
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