साइकिल चलाना व्यक्ति को आगे बढ़ना सीखाता है
"खेल, जीवन का एक तरीका हो सकता है. यह टीम के साथियों के बीच प्यार और स्नेह का एक ऐसा मजबूत बंधन बनाता है, जो शर्त, स्वार्थ और अहंकार से ऊपर होता है. लेखक संजीव शेखर ने अपनी किताब, "राइड एवभ द क्लाउड्स" में टीम वर्क और जुनून को उजागर किया है, जो एक खिलाड़ी किसी खेल को खेलते समय रखता है. साइकिल चलाना व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ना सिखाता हैं. इस किताब को पढ़ते हुए एक समय ऐसा आता है, जब इस पुस्तक में साइकिल चालक अपना आत्मविश्वास खो देते हैं और पीछे हटने का निर्णय लेते हैं. अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित दीपिका कुमारी ने इस किताब पर विस्तार से चर्चा की और साथ ही यह भी बताया कि अगर विचार के पैटर्न में थोड़ा सा बदलाव होता और मानसिकता में थोड़ा निराशावाद का प्रवेश होता है, तो ऐसी स्थिति में चीजें पूरी तरह से अलग मोड़ ले लेतीं है. दीपिका ने आगे बताया कि “लेखक संजीव शेखर ने किताब के रूप में यह कहानी लिखकर अच्छा काम किया है, ताकि इसे सभी आयु वर्ग के लोग पढ़ सकें और समझ सकें. यहां तक कि खेल-कूद में रुचि रखने वाले बच्चे भी इस किताब का आनंद ले सकते हैं. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/dushasans-government-in-jharkhand-why-exploitation-of-mothers-and-sisters-under-tribal-cms-rule-minister-ashwini-choubey/">झारखंडमें दुशासन की सरकार, आदिवासी सीएम के शासन में मां-बहनों का शोषण क्यों : मंत्री अश्विनी चौबे
बहुत बड़ी सीख दे रही यह किताब : मुरारी लाल मीणा
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मुरारी लाल मीणा ने बताया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए साइकिल दोस्तों की कहानी दोस्ती, बंधन और एक-दूसरे के लिए आपसी सम्मान के मामले में बहुत बड़ी सीख दे रही है. यह आवश्यक है कि आप जिस लक्ष्य या उद्देश्य के लिए प्रयास कर रहे हैं, उसे प्राप्त करने में मित्रों का लगातार प्रोत्साहन मिलता रहे. उन्होंने यह भी कहा कि "मैं पिछले कुछ वर्षों से साइकिल दोस्त का हिस्सा रहा हूं और मुझे कहना होगा कि यह समूह अद्भुत है, जिसने अपने धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ मिशन को प्राप्त किया है. मैं इस तरह की घटना को एक कहानी में बदलने के लिए लेखक की भी सराहना करता हूं. यह किताब सूचना और मनोरंजन का एक अच्छा संयोजन है." साइकिल दोस्त के सदस्य गणेश रेड्डी, राजीव रंजन त्रिपाठी, संचित प्रसाद, विनय विभाकर, कमल बिट्ट, डॉ. उदीप लाल और निपुण जैन ने अपनी यादगार यात्रा के बारे में बताया और अपने अनुभव साझा किए. लेखक संजीव शेखर ने समारोह में आये सभी अतिथियों का स्वागत किया और पुस्तक की दिलचस्प घटनाओं के बारे में बताया. उन्होंने यह भी बताया कि एक लेखक के रूप में यह किताब लिखने में उन्हें कितना आनंद आया. पुस्तक लिखने की प्रेरणा उन्हें कैसे मिली, इस पर भी उन्होंने प्रकाश डाला. इस अवसर पर कई प्रतिनिधि उपस्थित थे.कौन हैं संजीव शेखर
पेशे से कॉरपोरेट प्रोफेशनल संजीव शेखर को पत्रकारिता का भी लंबा अनुभव है. दशकों तक उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं. पढ़ने-लिखने में गहरी रूचि रखनेवाले संजीव शेखर की अभी तक तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है. पत्रकारिता पर आधारित पुस्तक वियोंड न्यूज, महिला सशक्तिकरण पर आधारित पुस्तक डेडलॉक के बाद राइड एवभ द क्लाउड उनकी तीसरी पुस्तक है. श्री शेखर अपने विभिन्न नौकरियों में अपनी समझदारी, नैतिकता और समाजसेवा के सिद्धांतों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने कई आर्टिकल्स, ब्लॉग्स, रिपोर्ट्स और अन्य प्रकार की सामग्री लिखी हैं, जो उनकी विशेषज्ञता को दर्शाती है. इसे भी पढ़ें : प्रयागराजः">https://lagatar.in/prayagraj-atiq-and-ashraf-were-buried-amid-tight-security/">प्रयागराजःकड़ी सुरक्षा के बीच अतीक और अशरफ सुपुर्द-ए-खाक [wpse_comments_template]

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