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काव्य संग्रह ‘कड़वे बोल’ का लोकार्पण

Chandwa : शहर के होटल हाइवे हिल में रविवार को मीत जरमस्तपुरी द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘कड़वे बोल’ का लोकार्पण सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरूआत विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई. कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि जिला आपूर्ति पदाधिकारी बंधन लौंग, बीडीओ विजय कुमार, भाजपा नेता चेतलाल राम दास, भाकपा नेता प्रमोद साहु, समाजसेवी रामयश पाठक, रवि कुमार डे, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अमित लाल नाथ शाहदेव, पंसस नीलम देवी के द्वारा संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया गया. इस मौके पर मीत जरमसतपुरी उर्फ गुरमीत सिंह ने अपनी लिखी पुस्तक के कुछ शब्द दर्शकों श्रोताओं को सुनाई. जैसे हे राम क्या लिखूं तेरे जीवन पर,अभी मेरी कोई औकात नहीं, लिखूं दुखी रामू की बात अभी, जिसका सुनता कोई बात नहीं. इसे भी पढ़ें:अडाणी">https://lagatar.in/aap-workers-protest-in-front-of-bjp-office-on-adani-issue/">अडाणी

मामले पर “आप” कार्यकर्ताओं का बीजेपी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन
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चलो देश बचाने चलते हैं...

मैं धरती हूं... झारखंड की मेरा चीरहरण रहा होए, मुझे तस्कर कपटी लूट रहे अब मुझे बचाव कोए... अंत में उन्होंने अपनी पुस्तक की आखिरी लाइन सुनाते हुए कहा- चलो देश बचाने चलते हैं रूठों को मानने चलते हैं... कोई कड़वे बोल भी लिखता है, वो पागल शायर दिखता है ! वो किस मिट्टी का जन्मा है न डरता है न बिकता है, वो देश प्रेमी गद्दार नहीं उसे मीत बनाने चलते हैं. चलो देश बचाने चलते हैं.... कवियित्री मीना बंधन ने अपने मधुर कविता ``साथ मिलजुल के कुछ अब नया हम करें `` वेवफा दोस्तों से वफा हम करें. कितने खामोश नजर आते हो, दिल के हर जख्म को छुपाते हो... के साथ श्रोताओं का मनोरंजन कराया. कार्यक्रम में आये सभी कवियों ने एक से बढ़कर एक नग्में सुनाये, जिसे सुन कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. कार्यक्रम का संचालन चंद्रिका ठाकुर देश दीप रांची, अभिनव कुमार मिश्रा औरंगाबाद ने संयुक्त रूप से किया. दोनों ही संचालनकर्ताओं ने एक से बढ़कर एक चुटकुले सुनाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. इसे भी पढ़ें:यादव">https://lagatar.in/yadav-mahasabha-completes-100-years-meeting-decided-to-celebrate-centenary-year-many-demands-discussed/">यादव

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