Ranchi: पुरूलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजाघर चर्च में रविवार को जुबली वर्ष 2025 आशा के तीर्थयात्री का उद्घाटन किया गया. अध्यक्षता पल्ली पुरोहित आनंद डविड खलखो ने किया. अगुवाई आर्चबिशप विसेंट आइंद ने किया. जुबिली वर्ष के लिए विशेष क्रूस का निर्माण किया गया. जिसकी बनावट सामान्य क्रूस से भिन्न है. यह देखने में क्रूस झुका हुआ है. नीचे का हिस्सा जहाज के लंगर के समान है. जो जीवन के हलचल में एक ठहराव प्रदान करने का प्रतीक है. चार प्रकार का रंग रखा गया है. जिसमें लाल, पीला, हरा, और नीला रंग शामिल है. चार व्यक्ति एक के पीछे एक क्रूस पकड़े हुए हैं. जो संपूर्ण मानव जाति का प्रतिनिधित्व करती है. परंपरा को बनाए रखते हुए संत पिता फ्रांसिस ने वर्ष 2025 को अपने पत्र द्वारा जुबिली वर्ष घोषित किया. जिसका शीर्षक है "आशा के तीर्थयात्री"-आशा निराश नहीं करता. संत पिता फ्रांसिस ने स्वयं वैटिकन में संत पीटर महागिरजाघर में इसका उद्घाटन किया. फ्रांसिस ने विश्व के सभी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष एवं महाधर्माध्यक्षों को पवित्र परिवार के पर्व दिन इसी अध्यादेश का पालन करने कहा. तीर्थयात्री के प्रतीक के रूप में अपने हाथों में मोमबत्ती लिए क्रूस के पीछे जुलुस में विश्वासी गिरजाघर में प्रवेश किये. इसके पश्चात मिस्सा बलिदान आयोजित किया गया. मौके पर कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद, संत मरिया गिरिजा घर के पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो, सहायक पुरोहित फादर जॉर्ज मिंज, फादर नीलम तिडू, फादर इज़ेकिएल टोप्पो, फादर दीपक बाड़ा, फादर असीम मिंज समेत अन्य मौजूद थे. इसे भी पढ़ें – साउथ">https://lagatar.in/major-accident-in-south-korea-179-passengers-died-due-to-plane-crash/">साउथ
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रांची: जुबिली वर्ष 2025 "आशा के तीर्थयात्री" का उद्घाटन
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