Ranchi : झारखंड आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की जाने वाली भारी नकद राशि पर देशभर में घूम-घूमकर दावा पेश करने वाली दंपति का पर्दाफाश किया है. नीना शाह और कमलेश रजनीकांत शाह फर्जी दस्तावेज के सहारे जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की गयी नकद राशि पर अपना दावा पेश करते हैं. फर्जी दस्तावेज के सहारे एजेंसियों द्वारा जब्त नकद राशि हासिल करने के बाद यह गुजराती दंपत्ती अपना कमीशन काट कर काले धन के असली मालिक को बाकी पैसा लौटा देते हैं.
गिरिडीह जिले में हुई पांच करोड़ रुपये की लूट की गहन जांच और कानूनी लड़ाई के बाद इस अनोखे धंधे का पर्दाफाश करने में आयकर विभाग को कामयाबी मिली है. गिरिडीह जिले के अपर सत्र न्यायाधीश हरिओम कुमार द्वारा दिये गये फैसले में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, 21 जून 2023 को आधी रात गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र में एक क्रेटा कार से पांच करोड़ रुपये की लूट हुई थी. लूट की इस घटना के सिलसिले में कार के ड्राइवर मयूर सिंह की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी (256/2023) दर्ज करायी गयी थी.
इसमें यह दावा किया गया था कि वह (मयूर सिंह) अन्य लोगों के साथ पटना के DY company से यह नकद राशि लेकर कर कोलकाता स्थित कंपनी के कार्यालय में पहुंचाने जा रहा था. तभी रास्ते में XUV300 कार ने उसकी क्रेटा को ओवरटेक कर रुकने पर मजबूर किया.
इसके बाद लुटेरे क्रेटा कार छीन कर ले गये. इसके बाद लुटेरों ने उसमें रखे पांच करोड़ रुपये लेने के बाद क्रेटा कार को थोड़ी दूर पर छोड़ दिया. पुलिस ने इस लूट कांड की जांच के दौरान 4.01 करोड़ रुपये बरामद कर लिया. साथ ही पटना पहुंच कर DY company की तलाश शुरू की.
लेकिन पुलिस को पटना में यह कंपनी अपने पते पर नहीं मिली. इसके बाद जमुआ पुलिस ने पत्र लिख कर रांची स्थित आयकर अनुसंधान शाखा को इस तथ्य की जानकारी दी. पुलिस द्वारा दी गयी सूचना के आलोक में आयकर विभाग ने पुलिस से लूट की घटना में बरामद की गयी 4.01 करोड़ रुपये की राशि आयकर के खाते में जमा करने का अनुरोध किया, ताकि मामले की विस्तृत जांच कर धन के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके.
लेकिन पुलिस ने यह कहकर आयकर विभाग को 4.01 करोड़ रुपये वापस देने से इनकार कर दिया कि यह रकम लूट की घटना का सबूत है. पुलिस द्वारा पैसा आयकर विभाग के हवाले करने में असमर्थतता जताने के बाद आयकर विभाग ने न्यायालय का रूख किया.
आयकर विभाग ने गिरिडीह के सत्र न्यायालय में चल रहे इस मामले में याचिका दायर कर पुलिस द्वारा जब्त रुपयों की मांग की. इस दौरान इस बात की भी जानकारी मिली कि नीना शाह ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से पुलिस द्वारा लूट कांड में बरामद किये गये 4.01 करोड़ रुपये पर अपना दावा किया है.
नीना शाह के पति कमलेश रजनीकांत ने कोर्ट में यह दावा किया कि पैसा पटना स्थित M/S MECTEC कंपनी से कोलकाता स्थित कंपनी में ले जाया जा रहा था. यह रकम उनके कंपनी की है. इसलिए पुलिस द्वारा बरामद किये गये 4.01 करोड़ रुपये उनके हवाले कर दिया जाये.
आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने M/S MECTEC की ओर से किये गये दावों का विरोध किया और पैसा आयकर के हवाले करने की मांग की. कमलेश रजनीकांत शाह की ओर से आयकर की मांग का विरोध करते हुए 4.01 करोड़ रुपये उसके पक्ष में विमुक्त करने की मांग की गई. साथ ही अपनी मांग के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये फैसलों का उल्लेख किया गया.
न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान शाह और आयकर की ओर से किये जा रहे दावों और दायर किये गये शपथ पत्रों के बीच आयकर विभाग ने इस मामले में अपनी जांच जारी रखी. नीना शाह को दर्जनों बार समन किया. लेकिन नीना शाह ना तो आयकर के समक्ष हाजिर हुईं और ना ही वकील के माध्यम से अपना पक्ष पेश किया.
हालांकि कार का ड्राइवर मयूर सिंह आयकर के समन पर हाजिर हुआ. पूछताछ के दौरान उसने कई खुलासे किये, जिसके आधार पर आयकर विभाग ने आगे की जांच की. नीना शाह व उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई. इस दौरान नीना शाह का बयान दर्ज किया गया. नीना ने एजेंसियों द्वारा जब्त की गई नकद राशि पर फर्जी दस्तावेज के सहारे दावा पेश करने और पैसा वापस लेने में कामयाब होने के बाद अपना कमीशन काट कर पैसों के असली मालिक को बाकी पैसा लौटाने की बात स्वीकार की.
आयकर विभाग ने जांच के दौरान यह साबित कर दिया कि नीना शाह की कंपनियों द्वारा नकदी पर अपना दावा पेश करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किया जाता था. नकदी को सही साबित करने के लिए कागजी तौर पर करोड़ों रुपये की फल, सब्जी, दूध, पशु चारा आदि की बिक्री दिखा कर कानूनी प्रावधानों का अनुचित लाभ लिया जाता था.
आयकर विभाग ने जमुआ पुलिस द्वारा जब्त नकदी और नीना शाह से जुड़ी कंपनियों से संबंधित मिले तथ्यों की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में पेश की. इसके बाद गिरिडीह के सत्र न्यायालय ने 22 अगस्त 2025 को अपना फैसला सुनाया. न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस द्वारा जब्त रुपये M/S MECTEC के नहीं हैं.
न्यायालय ने पुलिस द्वारा जब्त 4.01 करोड़ रुपये की राशि आयकर विभाग के सरकारी खाते में जमा करने का आदेश दिया, ताकि लूट कांड में जब्त रुपयों के असली स्रोत और मालिक का पता लगाया जा सके. न्यायालय के इस फैसले के आलोक में पुलिस द्वारा जब्त 4.01 करोड़ रुपये शीघ्र ही आयकर के खाते में जमा करा दिया जायेगा, ताकि मामले की विस्तृत जांच हो सके.
नीना शाह ने दिया बयान
अहमदाबाद में नीना शाह ने बताया है कि वह एक गृहिणी है और उनकी स्वामित्व वाली कंपनी M/S MECTEC की सभी व्यावसायिक गतिविधियां उनके पति कमलेश रजनीकांत शाह देखते हैं. वह कभी भी किसी भी प्रकार के व्यवसाय में शामिल नहीं रही हैं.
उन्होंने बताया कि जब भी किसी व्यक्ति की नकदी जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की जाती है, तो वह व्यक्ति खुद या अपने एजेंट के माध्यम से उनके पति कमलेश रजनीकांत शाह से संपर्क करता है. इसके बाद कमलेश रजनीकांत शाह जब्त की गयी नकद राशि पर अधिकारियों और न्यायालय के समक्ष अपना दावा पेश करते हैं. इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते हैं कि नकदी उनकी है.
अगर उनकी दलील संबंधित अधिकारी या न्यायालय द्वारा स्वीकार करने के बाद राशि उनके पक्ष में विमुक्त कर दी जाती है तो उसमें अपना कमीशन काट कर बाकी पैसा उसके असली मालिक को लौटा देते हैं. कमलेश रजनीकांत शाह ने भी यह स्वीकार किया कि उनका और उनकी पत्नी का कोई वास्तविक व्यापार नहीं है. सब कुछ कागजी है.
मयूर सिंह का बयान
ड्राइवर मयूर सिंह ने अपने बयान में कहा है कि वह गुजरात के सोलर पार्क में आठ हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करता था. एक दिन उसने अपने जान पहचान वाले गोविंद भाई सोलंकी उर्फ गोविंद भाई से अपने लिए कुछ काम तलाशने का अनुरोध किया.
कुछ दिन बाद गोविंद भाई ने उसे फोन कर गुजरात से दिल्ली और दिल्ली से कानपुर जाने का निर्देश दिया. दिल्ली पहुंचने के बाद उसने गोविंद भाई को फोन किया. इसके कुछ देर बाद करण भाई नाम का एक आदमी उसे लेने आया. वह उसे अपने कमरे में ले गया. वहां दो दिनों तक रहा.
इस बीच जगत सिंह जडेजा उर्फ जगत भाई नाम का आदमी एक क्रेटा कार (RJ45CU9964) लेकर करण भाई के कमरे पर आया. जगत भाई ने उसे अपने साथ चलने को कहा. कार की सवारी के दौरान जगत भाई ने बताया कि इस क्रेटा कार में एक गुप्त जगह है. इस गुप्त जगह में नकद राशि भरकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता है. रुपये कहां से कहां ले जाना है, यह निर्देश गोविंद भाई देते हैं.
गोविंद भाई के निर्देश पर वह (मयूर सिंह) क्रेटा कार लेकर 20 जून 2023 को पटना स्थित DY Company पहुंचा था. गोविंद भाई के निर्देश पर वह पटना से पांच करोड़ रुपये नकद लेकर क्रेटा कार से कोलकता के लिए रवाना हुआ था.
रास्ते में 21 जून को पांच करोड़ रुपये की लूट होने के बाद उसने गोविंद भाई से संपर्क किया. गोविंद भाई ने थोड़ी देर इंतजार करने का निर्देश दिया. थोड़ी देर बात गोविंद भाई ने उसे यह निर्देश दिया कि वह थाने में लूट की घटना के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज करा दे. इस निर्देश के बाद उसने जमुआ थाने में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ पांच करोड़ लूट की प्राथमिकी दर्ज करायी.
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