Search

चतरा से निर्दलीय चुनाव लड़कर इंदर सिंह नामधारी ने जीता था चुनाव

नामधारी को एक लाख 21 हजार 464 वोट व धीरज को एक लाख दो हजार 609 वोट मिले चुनाव में जदूय के कार्यकर्ताओं के तेवर बागी थे भाजपा ने नामधारी का खुल कर समर्थन किया Ashish Tagore Latehar : चतरा संसदीय क्षेत्र का चुनाव हमेशा से ही दिलचस्प रहा है. आज तक एक भी स्थानीय सांसद नहीं देने वाले चतरा संसदीय क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी ने भी राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी को पछाड़ा है. बात साल 2009 के लोकसभा चुनाव की है. चुनाव में झारखंड विधानसभा के पहले अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे. उनके सामने कांग्रेस के धीरज प्रसाद साहू व जदयू के अरूण कुमार यादव थे. भाजपा व जदयू में गठबंधन हो जाने के कारण इस चुनाव में भाजपा का कोई प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं था. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ranchi-police-arrested-four-absconding-warrantees-and-sent-them-to-jail/">रांची

पुलिस ने चार फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

नामधारी का भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया समर्थन

भाजपा कार्यकर्ताओं ने नामधारी का खुल कर समर्थन किया. यहां तक कि चुनाव में जदूय के कार्यकर्ताओं के तेवर बागी थे. उन्होंने जदयू प्रत्याशी अरूण कुमार अग्रवाल को वोट नहीं दे कर इंदर सिंह नामधारी के पक्ष में वोट कराया. इसका परिणाम यह हुआ कि निर्दलीय के रूप में चुनावी समर में उतरे इंदर सिंह नामधारी ने चुनाव में विजयश्री हासिल लिया. उन्होंने कांग्रेस के धीरज प्रसाद साहु को हराया था. नामधारी को एक लाख 21 हजार 464 वोट मिले थे. जबकि धीरज प्रसाद साहु को एक लाख दो हजार 609 वोट मिले थे. जदयू के अरूण कुमार यादव पांचवें स्थान पर रहे. उन्हें मात्र 46088 मत ही मिल पाये थे. इससे पहले साल 2004 के लोकसभा चुनाव में नामधारी ने जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा था. लेकिन उन्हें राजद के धीरेंद्र अग्रवाल से हार का समाना करना पड़ा था. धीरेंद्र को 121464 एवं नामधारी को 102609 वोट मिले थे. इसके बाद नामधारी ने जदयू केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों से क्षुब्ध हो कर जदयू से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद कयास लगाया जा रहा था कि नामधारी भाजपा ज्वाइन करेंगे. लेकिन हालात ऐसे नहींं बन पाये. जब वर्ष 2009 के आम चुनाव में चतरा संसदीय सीट से भाजपा व जदयू का गठबंधन हो गया तो नामधारी ने निर्दलीय चुनाव लड़ कर जीत हासिल की. इसे भी पढ़ें-विपक्ष">https://lagatar.in/opposition-is-leaderless-public-is-with-modi-3-news-from-dhanbad-including-chandraprakash-ii/">विपक्ष

नेतृत्व विहीन, जनता मोदी के साथ- चंद्रप्रकाश II समेत धनबाद की 3 खबरें

चतरा से दो निर्दलीय प्रत्याशी जीत चुका है चुनाव

बता दें कि चतरा संसदीय क्षेत्र से मात्र दो निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीत कर संसद तक पहुंचे हैं. इनमें विजया राज दो बार निर्दलीय (स्वतंत्र) चुनाव जीत चुकी हैं. उन्होंने अपना पहला चुनाव साल 1957 में छोटानागपुर संथाल परगना जनता पार्टी के टिकट से लड़ा था और जीत हासिल किया था. इसके बाद उन्होंने साल 1962 व 1967 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और विजयश्री को गले लगाया. हालांकि जब उन्होंने वर्ष 1971 में जनता पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ा तो उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. कांग्रेस के शंकर दयाल सिंह ने उन्हें हराया था. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp