Bihar : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पहलगाम में हुए आतंकी हमले की तीखी निंदा की. इतना ही नहीं उन्होंने केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी से आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की मांग की. असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से हमले में मारे गये सभी 26 नागरिकों को `शहीद` का दर्जा देने की भी मांग की. उन्होंने न केवल आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया, बल्कि शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी के साहसिक बयान का उल्लेख कर देश में नफरत की राजनीति पर करारा प्रहार भी किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आये आतंकवादी हमारी बेटियों, बेटों और सैनिकों को निशाना बना रहे हैं. यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का है. https://twitter.com/ANI/status/1919001577605468418
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AIMIM प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि क्या अब सरकार पाकिस्तान जैसे विफल राज्य और वहां से भेजे गये आतंकवादियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठायेगी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि भारत कुछ ऐसा करेगा कि भविष्य में पाकिस्तान भारत की धरती पर किसी को मारने से पहले सौ बार सोचेगा. अपने भाषण में ओवैसी ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने पति की शहादत के बावजूद देश में सांप्रदायिक नफरत के खिलाफ आवाज उठायी. ओवैसी ने कहा कि हिमांशी का यह संदेश हम सबके लिए आईना है. उन्होंने मुसलमानों और कश्मीरियों के खिलाफ नफरत से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह अपने पति को खो चुकी हैं, लेकिन वह किसी के खिलाफ नफरत नहीं चाहतीं. ओवैसी ने यह भी कहा कि आज हमें नफरत नहीं, मोहब्बत और इंसानियत की जरूरत है, ताकि देश मजबूत बना रहे. जो लोग सांप्रदायिक जहर फैला रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनकी बातें पाकिस्तान के आतंकियों के चेहरों पर मुस्कान ला रही हैं. हमें उन चेहरों से मुस्कान मिटानी है. उन्होंने केंद्र से यह अपील भी की कि शहीदों के बलिदान का सम्मान हो और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि देश में शांति और सुरक्षा बनी रहे. ओवैसी ने हमले में मारे गये सभी 26 नागरिकों को `शहीद` का दर्जा देने की भी मांग की. कहा कि जिन लोगों ने पहलगाम में आतंकियों के हाथों जान गंवाई, उन्हें केवल मृतक नहीं, बल्कि देश के लिए शहीद माना जाए. वे निर्दोष थे, लेकिन आतंकवादियों ने उन्हें बर्बरता से मार डाला. कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करता हूं कि वह इन पीड़ित परिवारों की भावनाओं का आदर करें और मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देकर उनका सम्मान सुनिश्चित करें.
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AIMIM प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि क्या अब सरकार पाकिस्तान जैसे विफल राज्य और वहां से भेजे गये आतंकवादियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठायेगी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि भारत कुछ ऐसा करेगा कि भविष्य में पाकिस्तान भारत की धरती पर किसी को मारने से पहले सौ बार सोचेगा. अपने भाषण में ओवैसी ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने पति की शहादत के बावजूद देश में सांप्रदायिक नफरत के खिलाफ आवाज उठायी. ओवैसी ने कहा कि हिमांशी का यह संदेश हम सबके लिए आईना है. उन्होंने मुसलमानों और कश्मीरियों के खिलाफ नफरत से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह अपने पति को खो चुकी हैं, लेकिन वह किसी के खिलाफ नफरत नहीं चाहतीं. ओवैसी ने यह भी कहा कि आज हमें नफरत नहीं, मोहब्बत और इंसानियत की जरूरत है, ताकि देश मजबूत बना रहे. जो लोग सांप्रदायिक जहर फैला रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनकी बातें पाकिस्तान के आतंकियों के चेहरों पर मुस्कान ला रही हैं. हमें उन चेहरों से मुस्कान मिटानी है. उन्होंने केंद्र से यह अपील भी की कि शहीदों के बलिदान का सम्मान हो और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि देश में शांति और सुरक्षा बनी रहे. ओवैसी ने हमले में मारे गये सभी 26 नागरिकों को `शहीद` का दर्जा देने की भी मांग की. कहा कि जिन लोगों ने पहलगाम में आतंकियों के हाथों जान गंवाई, उन्हें केवल मृतक नहीं, बल्कि देश के लिए शहीद माना जाए. वे निर्दोष थे, लेकिन आतंकवादियों ने उन्हें बर्बरता से मार डाला. कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करता हूं कि वह इन पीड़ित परिवारों की भावनाओं का आदर करें और मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देकर उनका सम्मान सुनिश्चित करें.
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