National News : भारत को हर साल 36 से 40 एयरक्राफ़्ट की आवश्यता है. एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को 94वें एयर फ़ोर्स डे पर आयोजित सालाना प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह बात कही.श्री सिंह ने कहा, भारत ने फ़रवरी माह में फ़्रांस के साथ Gov to Govt (G2G) फ़्रेमवर्क के तहत 114 राफ़ेल फ़ाइटर जेट खरीदने के काफी समय से लंबित प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी.
VIDEO | Delhi: We need 36 to 40 aircraft every year, says Indian Air Force Chief Air Chief Marshal AP Singh on depleting number of fighter squadrons.#IAF #IndianAirForce
— Press Trust of India (@PTI_News) October 3, 2026
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उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कीमत पर बातचीत और अन्य अहम मुद्दों पर अभी काम चल रहा है कहा कि अगर एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ़्ट (AMCA) प्रोग्राम में देर होती है, तो हमें किसी दूसरे प्लेटफ़ॉर्म की खरीद पर विचार करना पड़ सकता है.
एयर चीफ़ मार्शल ने कहा कि अगर AMCA फ़िफ़्थ-जेनरेशन फ़ाइटर प्रोग्राम में देरी होती है, तो हमें दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है. बताया कि रूस ने Su-57 की पेशकश की है, लेकिन अभी तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.
वायु सेना (IAF) के आधुनिकीकरण पर उन्होंने कहा. फ़ोर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिए और मज़बूत बनाना होगा. हमें AI-युक्त फ़ोर्स की ज़रूरत है. IAF चीफ ने कहा, हमें कम से कम एक भारत में बने फाइटर जेट इंजन पर फ़ैसला लेना होगा
श्री सिंह ने फ़्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की भी तारीफ़ की. उन्होंने कहा, कैप्टन मच्छार ने बहुत ही बहादुरी भरा काम किया है. उन्होंने ज़बरदस्त शारीरिक और मानसिक मज़बूती दिखाई. यह हमारे लिए एक सीख है
एयर चीफ़ ने जानकारी दी कि भारत ने अभी अलग से कोई ड्रोन फ़ोर्स बनाने का फ़ैसला नहीं किया है कहा, कि भारतीय वायु सेना के लिए ड्रोन कोई क्रांतिकारी चीज़ नहीं हैं. यह समय के साथ विकसित होने वाली चीज़ें हैं. बकाया कि भारत ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन की संख्या बढ़ा रहा है. हमें अभीअलग से किसी ड्रोन फ़ोर्स की ज़रूरत नहीं है.
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