Lagatar Desk : अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितताओं और वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को बाजार भारी गिरावट के साथ खुला.
प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,496 के मुकाबले गिरकर 77,014 पर खुला और शुरुआती मिनटों में ही 900 अंकों से ज्यादा टूटकर 76,502 तक पहुंच गया. 9 बजकर 52 मिनट पर सेंसेक्स 782.96 अंक गिरकर 76713.12 पर कारोबार करता नजर आया.
वहीं एनएसई निफ्टी भी कमजोर शुरुआत के साथ 24,177 से फिसलकर 23,996 पर खुला और थोड़ी ही देर में 280 अंकों से ज्यादा गिरकर 23,864 के स्तर पर आ गया. फिलहाल निफ्टी 263.90 अंक लुढ़कर 23913.75 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है.
आज के कारोबार बाजार में 30 शेयरों वाले सेंसेक्स के केवल 3 शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं. जबकि 27 शेयर लाल निशान पर नजर आ रहे हैं. टॉप गेनर की लिस्ट में बजाज फाइनेंस (2.74%), इंफोसिस (0.43%) और बजाज फिनसर्व (0.44%) के शेयर शामिल हैं.
इसी तरह टॉप लूजर की श्रेणी में इटर्नल (3.71%), इंटर ग्लोब एविएशन (3.16%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.75%), एक्सिस बैंक (2.56%), अडानी पोर्ट्स (2.54%) के शेयर शामिल हैं.
वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट (2.15%), मारुति सुजुकी (1.65%), रिलायंस (1.75%), टाटा स्टील (1.64%), भारती इलेक्ट्रानिक (1.79%), लार्सन (1.61%), टाइटन (1.51%), एचडीएफसी बैंक (1.54%), आईसीआईसीआई बैंक (1.53%) और ट्रेंट (1.44%) के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं.
इसके अलावा एशियन पेंट्स (1.24%), एसबीआई (1.15%), एनटीपीसी (1.11%), एसबीआई (1.10%), भारती एयरटेल (0.91%), कोटक महिंद्रा (0.97%), एचयूएल (0.8%), टेक महिंद्रा (0.16%), आईटीसी (0.25%), एचसीएल टेक (0.29%), सनफार्मा (0.32%) और टीसीएस (0.13%) के शेयरों में भी गिरावट देखी जा रही है.
शेयर बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का हालिया फैसला माना जा रहा है. दरअसल फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने अपनी ताजा बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.
वेस्ट एशिया में जारी तनाव और बढ़ती महंगाई की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया, जिसका असर पहले अमेरिकी बाजारों पर और फिर एशियाई बाजारों पर पड़ रहा है.
वैश्विक बाजारों में नकारात्मक माहौल के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार में दिख रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
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