New Delhi : श्रीलंका में गहराते आर्थिक संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमारी श्रीलंका के हालात पर नजर बनी हुई है. हम श्रीलंका की मदद करते रहे हैं. पड़ोसी देश श्रीलंका के बुरे दौर में हम उसके साथ खड़े हैं. भारत ने इस वर्ष श्रीलंका में गंभीर आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 3.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का अभूतपूर्व समर्थन दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम श्रीलंका में हाल के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.
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फ्यूल को लेकर भी भारत ने की मदद
श्रीलंका की स्थिति पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया, `भारत श्रीलंका का निकटतम पड़ोसी हैं और दोनों देश गहरे सभ्यता के बंधन में बंधे हैं. हम उन कई चुनौतियों से अवगत हैं, जो श्रीलंका और उसके लोग सामना कर रहे हैं. हम श्रीलंकाई लोगों के साथ खड़े हैं क्योंकि उन्होंने इस कठिन अवधि को पार करने की कोशिश की है. इसके पहले भारत ने श्रीलंका को डीजल - पेट्रोल की भी बड़ी मदद कर चुका है. श्रीलंका में तेल की किल्लतों के चलते तेल बेचने पर रोक लगा दी गई थी. सिर्फ जरूरी कामों के लिए ही तेल का इस्तेमाल करने की इजाजत थी. तेल बेचने पर पाबंदी लगा दी है. इस वजह से श्रीलंका के आम लोगों को पेट्रोलियम पदार्थों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में भारत ने कई बार भारी मात्रा में पेट्रोल डीजल भेजकर श्रीलंका की मदद की. इसे भी पढ़ें – रांची:">https://lagatar.in/ranchi-lord-jagannath-returned-home-from-mausibari-huge-crowd-gathered-to-see-the-lord/">रांची:मौसीबाड़ी से घर लौटे भगवान जगन्नाथ, प्रभु के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ [wpse_comments_template]
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