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अक्टूबर में भारत का सेवा निर्यात 22.3% बढ़ा, आयात में भी 27.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज

 
  • सेवा निर्यात सालाना आधार पर 22.3 प्रतिशत बढ़कर 34.3 अरब डॉलर पहुंचा
  • वित्त वर्ष 2024 में भारत का सेवा निर्यात 339.62 अरब डॉलर रहा
  • पिछले वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 223 में भारत का सेवा निर्यात 325.33 अरब डॉलर था
  • अक्टूबर में देश का आयात सालाना आधार पर 27.9 प्रतिशत बढ़कर 17.21 अरब डॉलर हुआ
NewDelhi :  भारत के सेवा निर्यात में लगातार दूसरे महीने अक्टूबर में बढ़ोतरी दर्ज हुई है. अक्टूबर में देश का सेवा निर्यात सालाना आधार पर 22.3 प्रतिशत बढ़कर 34.3 अरब डॉलर हो गया है. इससे पहले सितंबर में देश का सेवा निर्यात बढ़कर 32.57 बिलियन डॉलर पहुंच गया था. वहीं अगस्त में देश का सेवा निर्यात 30.34 अरब डॉलर और जुलाई में 30.58 अरब डॉलर था. भारत का सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2024 में 339.62 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष में 325.33 अरब डॉलर था. निर्यात के साथ-साथ अक्टूबर में देश के आयात में भी वृद्धि दर्ज की गयी है, जो कि सालाना आधार पर 27.9 प्रतिशत बढ़कर अब 17.21 अरब डॉलर हो गया है. इससे पहले सितंबर में देश का सेवा आयात 16.50 अरब डॉलर रहा था.

वित्त वर्ष 2019 से 2024 के बीच सेवा निर्यात 10.5 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ा

पिछले दिनों आयी ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सेवा निर्यात 2030 तक वस्तु निर्यात से आगे निकल जायेगा. जीटीआरआई की रिपोर्ट में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2030 तक सेवा निर्यात 618.21 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है, जो 613.04 अरब डॉलर के माल निर्यात से अधिक होगा. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2019 और वित्त वर्ष 2024 के बीच यानी 5 वर्षों में सेवा निर्यात 10.5 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ा, जो कि माल निर्यात के 5.8 प्रतिशत सीएजीआर से लगभग दोगुना है.

आईटी और सॉफ्टवेयर द्वारा संचालित होता है देश का सेवा क्षेत्र

देश का सेवा क्षेत्र मुख्य रूप से आईटी और सॉफ्टवेयर द्वारा संचालित है, इसके अलावा यह क्षेत्र अन्य व्यावसायिक सेवाओं (ओबीएस) द्वारा संचालित है. जीटीआरआई की इस रिपोर्ट में जानकारी दी गयी थी कि ‘दूरसंचार, कंप्यूटर और सूचना सेवाओं’ के तहत सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाओं ने वित्त वर्ष 2024 में भारत के कुल सेवा निर्यात में 190.7 बिलियन डॉलर या 56.2 प्रतिशत का योगदान दिया. इसी के साथ एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स को लेकर वैश्विक स्तर पर भारत की आईटी विशेषज्ञता को लेकर मांग में बढ़ोतरी को लेकर महत्वपूर्ण बने हुए हैं.
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