Lagatar Desk : ग्लासगो में आयोजित 23वां कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया. 23 जुलाई से 2 अगस्त तक चले 13 खेलों में 74 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. इस कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 मेडल जीते. इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज पदक शामिल हैं. इतना ही नहीं इस शानबाद प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा.
बॉक्सिंग बनी सबसे बड़ी ताकत
भारत की सफलता में सबसे अहम योगदान बॉक्सरों का रहा. भारतीय मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड सहित कुल 10 पदक जीते. पिछली बार साल 2022 में बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को बॉक्सिंग में सिर्फ 7 पदक मिले थे. यानी पिछले बार की तुलना में इस बार खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला.
एथलेटिक्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन
एथलेटिक्स में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया. भारतीय खिलाड़ियों ने 3 गोल्ड, 7 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज जीते. इस तरह भारत ने कुल 16 पदक अपने नाम किए. यह बर्मिंघम 2022 में मिले 8 पदकों से दोगुना है. एथलेटिक्स में यह भारत का अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है
जूडो में भी बढ़े पदक, कुछ खेलों में कमी, लेकिन कुल प्रदर्शन शानदार
जूडो में भारत ने 4 पदक जीते, जिनमें 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं. पिछली बार भारत को इस खेल में सिर्फ 3 पदक मिले थे. यानी इस बार जूडो में भी बेहतर नतीजे देखने को मिले. वेटलिफ्टिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के पदकों की संख्या पिछली बार से थोड़ी कम रही. हालांकि बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और जूडो में शानदार प्रदर्शन ने इस कमी को पूरा कर दिया और भारत 39 पदकों तक पहुंच गया.
6 बड़े खेल नहीं थे, फिर भी भारत का दमदार प्रदर्शन
बता दें कि इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट, टेबल टेनिस, कुश्ती, हॉकी, बैडमिंटन और स्क्वैश जैसे छह खेल शामिल नहीं थे. खास बात यह है कि 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने इन्हीं खेलों में 30 पदक जीते थे. इसके बावजूद भारत ने इस बार 39 पदक अपने नाम किए, जो भारतीय खिलाड़ियों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
अब अहमदाबाद में होगा कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के सफल समापन के बाद अब भारत की नजर अगले संस्करण पर है. 24वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अहमदाबाद में होगा. समापन समारोह में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स फ्लैग भारतीय स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा को सौंपा गया. इसके बाद उन्होंने यह ध्वज भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा. अब भारत की तैयारी मेजबान के रूप में शानदार आयोजन और बेहतर प्रदर्शन दोनों पर रहेगी.
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