Search

घोटाले का संकेतः देश में कुल मोतियाबिंद के ऑपरेशन में झारखंड की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

LAGATAR EXPOSE
  • झारखंड में हुए मोतियाबिंद के कुल ऑपरेशन का 99 % निजी अस्पतालों में हुआ.

Ranchi : देश में हुए कुल मोतियाबिंद (Cataract) के ऑपरेशन में झारखंड की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. आयुष्मान योजना के तहत किये गये कुल इलाज में मोतियाबिंद की हिस्सेदारी की समीक्षा के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है. झारखंड की आबादी के मुकाबले मोतियाबिंद के ऑपरेशन की इस हिस्सेदारी को घोटाले के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

 

जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत किये गये इलाज और उसमें मोतियाबिंद के ऑपरेशन की हिस्सेदारी का अध्ययन कराया. इसमें इस बात की जानकारी मिली की मोतियाबिंद के ऑपरेशन के मामले में झारखंड की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. देश में हुए मोतियाबिंद के कुल ऑपरेशन में झारखंड की हिस्सेदारी 16% है. 

 

इस मामले में दूसरा नंबर गुजरात का है. कुल मोतियाबिंद के ऑपरेशन में मोतियाबिंद की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है. पड़ोसी राज्य बिहार की हिस्सेदारी सिर्फ 6% है. जबकि झारखंड के मुकाबले बिहार की आबादी कहीं ज्यादा है. आयुष्मान के कुल इलाज में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की हिस्सेदारी मणिपुर में 0% प्रतिशत है. यानी मणिपुर में लोगों के आंखों का स्वास्थ्य सबसे बेहतर है. हरियाणा में यह 3%, मध्य प्रदेश और हिमाचल में यह 2%-2% है.

 

केंद्र सरकार ने इस बात का भी अध्ययन कराया है कि मोतियाबिंद के कुल ऑपरेशन में कितने ऑपरेशन निजी अस्पताल और कितने ऑपरेशन सरकारी अस्पताल में हुए. इस बिंदु पर की गयी समीक्षा के दौरान भी चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आये. समीक्षा के दौरान पाया गया कि झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में मोतियाबिंद के सबसे ज्यादा ऑपरेशन निजी अस्पतालों में हुए.

 

आंकड़ों के विश्लेषण से इस बात की जानकारी मिली कि झारखंड और छत्तीसगढ़ में मोतियाबिंद के सबसे ज्यादा ऑपरेशन निजी अस्पतालों में हुए. झारखंड में हुए मोतियाबिंद के कुल ऑपरेशन का 99 % निजी अस्पतालों में हुआ. सिर्फ़ 1% ऑपरेशन ही राज्य के सरकारी अस्पतालों में हुए.

 

छत्तीसगढ़ में भी झारखंड जैसी ही स्थिति पायी गयी. वहां भी कुल ऑपरेशन का 99% निजी अस्पतालों और 1% प्रतिशत सरकारी अस्पतालों में हुआ. गुजरात की हालत भी इन्हीं दोनों राज्यों जैसी पायी गयी. बिहार की स्थिति झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुकाबले थोड़ी बेहतर पायी गयी.

 

बिहार में मोतियाबिंद के कुल ऑपरेशन का 95% निजी और 5% सरकारी अस्पतालों में हुआ. हिमाचल और मध्य प्रदेश में मोतियाबिंद के कुल ऑपरेशन का सिर्फ 21%-21% निजी अस्पतालों में और 79%-79% इन राज्यों के सरकारी अस्पतालों में हुआ. समीक्षा के दौरान नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और चंडीगढ़ में मोतियाबिंद के 100% सरकारी अस्पतालों मे हुए.

 

झारखंड में मोतियाबिंद के कुल ऑपरेशन का 99% निजी अस्पतालों में होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने इस पर काबू पाने के लिए मोतियाबिंद के ऑपरेशन को सरकारी अस्पतालों के लिए Reserve करने का फैसला किया. यानी आयुष्मान के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन सरकारी अस्पतालों में ही होगा. 

 

इस मामले में Jharkhand State Aarogya Society(जसास) ते कार्यकारी निदेशक निदेशक ने सिविल सर्जन से इस मुद्दे पर राय मांगी. इसके बाद यह आदेश जारी किया गया कि सरकारी अस्पतालों द्वारा रेफर किये जाने के बाद ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन निजी अस्पतालों में किया जायेगा.

 

कुल इलाज में मोतियाबिंद का हिस्सा

राज्य  प्रतिशत

बिहार

6%

छत्तीसगढ़  3%
गुजरात  10%
हरियाणा   3%
हिमाचल  2%
झारखंड  16%
मध्य प्रदेश  2%
मणिपुर  0%
मेघालय  1%

 

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//