Search

भीतर का प्रदूषण ज्यादा खतरनाक, कथाओं से से होता है दूर : शिखा चतुर्वेदी

Kandi, Garhwa:  मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के तत्वावधान में आमजनों द्वारा आयोजित 24वें मानस महायज्ञ का मंगलवार को दूसरे दिन भी प्रवचन सत्र का आयोजन किया गया. मौके पर मिर्जापुर से पधारे पं. धर्मराज शास्त्री ने कहा कि प्रतिकूल मौसम में भी आपने कथा का अनुकूल माहौल बनाकर भगवान की कथा सुन रहे हैं तो समय आएगा जब परमात्मा आपकी किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति को पलक झपकते अनुकूल बना देगा. वृंदावन से पधारीं देवी शिखा चतुर्वेदी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा कही. उन्होंने सामाजिक संदर्भ देते हुए मानस व भागवत की कथा कही. कहा कि समाज से बाहरी प्रदूषण को हटाने के लिए बड़े बड़े अभियान चलाए जाते हैं. लेकिन बाहरी प्रदूषण से भीतर का प्रदूषण ज्यादा खतरनाक है. भीतर के प्रदूषण को समाप्त करने लिए ही इस तरह की कथाओं का आयोजन किया जाता है.जो हमारे हृदय में ब्रह्म को, दया को, करुणा को स्थापित कर दे उसे कथा कहते हैं. इसे भी पढ़ें-लोकसभा">https://lagatar.in/be-alert-regarding-lok-sabha-elections-inspect-the-route-sp/">लोकसभा

चुनाव को लेकर रहें अलर्ट, रूट का करें मुआयना : एसपी

हनुमान चालीसा से माहौल हुआ भक्तिमय

वहीं आचार्य सौरभ कुमार भारद्वाज ने जोरों की आंधी व पानी में भी अपने सुमधुर भजनों व हनुमान चालीसा के पाठ से श्रोताओं को बांधे रखा. पं. मुन्ना पाठक जी ने भजन व प्रवचन में कहा कि जप ले नाम भगवन का बस ये काम आएगा, खाली हाथ आया है खाली हाथ जाएगा - इन पंक्तियों से पाठक जी ने भक्ति की महिमा की व्याख्या की. कहा कि राम नाम के जप के बिना सपने में भी सुख नहीं मिल सकता - बड़ा सुखदायक है हरि का भजन. बाद में काफी शीघ्रता करते हुए प्रवचन का कार्यक्रम श्री बजरंगबली मंदिर के बड़े प्रांगण में शिफ्ट कर दिया गया. प्रवचन सत्र प्रारंभ होने से पहले सेवानिवृत्त शिक्षक रामदास दुबे ने व्यास पीठ की पूजा की. इसी के साथ यज्ञ मंडप की परिक्रमा व श्रीधाम वृंदावन से पधारे श्री हित हरिवंश चंद्रो विजयते मानस व्यास पं. विनोद गौरव शास्त्री व उनकी टोली के द्वारा संगीतमय मानस पाठ किया जा रहा है. मानस के संगीतमय पाठ को सुनने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है. मालूम हो कि यह मानस महायज्ञ 6 मार्च तक चलेगा. 5 मार्च तक महायज्ञ के सभी कार्यक्रम चलेंगे. पूजन हवन, संगीतमय मानस पाठ, प्रवचन व प्रसाद वितरण चलता रहेगा. जबकि 6 मार्च को महायज्ञ की महापूर्णाहुति, संत विद्वानों की विदाई व महा भंडारा के साथ यज्ञ संपन्न हो जाएगा. इसे भी पढ़ें-राष्ट्रपति">https://lagatar.in/presidents-visit-tight-security-arrangements-parade-rehearsal/">राष्ट्रपति

का दौराः सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध, हुआ कारकेड रिहर्सल
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp