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रांची में एक ही छत के नीचे उद्योगपतियों और व्यापारियों को मिलेंगी अंतरराष्ट्रीय कारोबार की सारी सुविधाएं

Kaushal Anand Ranchi : झारखंड के कारोबारियों, उद्यमियों और ग्रामीणों को अब एक छत के नीचे देश-विदेश के उद्योपतियों और व्यापारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय करोबार की सारी सुविधाएं मिलेंगी. 24 माह के बाद रांची में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनकर तैयार होगा. शुक्रवार काे इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया. इस सेंटर में व्यापार और आयात-निर्यात से संबंधित दफ्तर होंगी. करेंसी एक्सचेंज एवं मनी ट्रांसफर समेत कई सुविधाएं मिलेंगी. इसके जरिए निवेश, कौशल उन्नयन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. निर्यात से जुड़े व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. इतना ही नहीं झारखंड के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा. राज्य की अलग पहचान बनेगी.

सेंटर का निर्माण केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से होगा

इस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय कारोबार से संबंधित सारी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी. व्यापार महानिदेशालय का क्षेत्रीय कार्यालय और भारतीय निर्यात परिषद से जुड़े कार्यालय होंगे. आयात निर्यात से जुड़ी कंपनियों के लिए स्थान मुहैया कराया जाएगा. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का निर्माण केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से होगा. कृषि और खाद्य उत्पाद, वस्त्र, तसर उत्पाद तथा इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. यहां बहुउद्देशीय सम्मेलन कक्ष, सेमिनार हॉल, आयात -निर्यात बैंक के अलावा कई और सुविधाएं होंगी. यहां अंतरराष्ट्रीय कारोबार करने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और उसके प्रचार-प्रसार के लिए भी जगह उपलब्ध कराया जाएगा. यह सेंटर 3.45 एकड़ भूमि में फैला होगा. इसके निर्माण में कुल 44.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसे भी पढ़ें-हेमंत">https://lagatar.in/nia-and-jharkhand-polices-most-wanted-15-lakh-reward-naxalite-aman-ganjhu-arrested/">हेमंत

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी : मुख्यमंत्री

इस मौक् पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. झारखंड न केवल खान-खनिज के लिए जाना जाता है, बल्कि इसकी पहचान बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए जाना जाता है. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर उस जगह पर बनाया जा रहा है, जहां एक समय में पूरे देश के उद्योग को खड़ा करने में एचईसी ने अहम भूमिका निभायी. आज वहीं पर यह सेंटर बनने जा रहा है. यह काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था, मगर अब हो रहा है, यह महत्वपूर्ण है. आज झारखंड में एचईसी, टाटा, सेल, डालमिया जैसी कई औद्योगिक इकाइयां हैं. वहीं हमारे यहां एक्सआईएसएस, एक्सएलआरआई, आईआईएम जैसी संस्थाएं भी हैं.

युवाओं को रोजगार की ओर अग्रसर करेगा

सीएम ने कहा कि हमारे झारखंड में ग्रामीण हर चीज बनाते हैँ, उत्पादित करते हैं, जिसकी मांग और पहचान पूरे देश में है. इसी उद्देश्य से हमने पलाश का गठन किया. हमें प्लास को हजार करोड़ रुपये का व्यापार करने वाली संस्था बनानी है. हमारे उत्पाद की मांग न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया में है. यह ट्रेड सेंटर न केवल हमारे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठीक करेगा, बल्कि हमारे युवाओं को रोजगार की ओर अग्रसर करेगा. अब हमारे झारखंड के लोग, उद्यमी और हमारे उत्पाद देश-विदेश की गतिविधियों और निर्यात से जुड़ेंगे.

ऐसे सेंटर हर जिले में बने : सत्यानंद भोक्ता

इस मौके पर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि हमारे पास न धन की कमी है और न मन की. हमारी सरकार का ध्यान युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों पर विशेष रूप से फोकस है. उन्होंने कहा कि इस तरह के सेंटर को न केवल राजधानी में बल्कि हर जिले में होना चाहिए, ताकि हमारे उत्पाद को एक केंद्र मिल सके. इसे भी पढ़ें- हजारीबाग:">https://lagatar.in/hazaribagh-achievement-of-vinoba-bhave-university-pgdmlt-course-done-without-noc/">हजारीबाग:

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एचईसी के रैयतों का भी ख्याल रखे सरकार : नवीन जायसवाल

हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि यह खुशी की बात है कि हमारे विधानसभा क्षेत्र में इसका निर्माण हो रहा है. इसके जरिए हमारे युवाओं को स्टार्टअप मिलेगा. उन्होंने कहा कि एचईसी के लिए हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहित की गयी थी, जिसका इस्तेमाल नहीं हुआ, आज उसी भूमि पर कोर कैपिटल सहित अन्य संस्थाओं का निर्माण हो रहा है, मगर हमारे रैयतों और विस्थापितों के लिए भी सरकार को ध्यान देना होगा. उन्हें रोजगार और वाजिब हक अधिकार मिलना चाहिए.  इस मौके पर विभागीय प्रधान सचिव वंदना डाडेल, उद्योग निदेशक जितेंद्र कुमार सिंह, सीएम के सचिव विनय चौबे, एसआईडीआई प्रमुख संजय गोयल सहित कई उपस्थित थे.

उद्योग विभाग और सिडबी के बीच हुआ एमओयू

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के शिलान्यास समारोह में उद्योग और सिडबी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. इसके जरिए राज्य में औद्योगिक संरचना को विकसित करने और उद्योग लगाने वालों को सिडबी के द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इस मौके पर पीएमएफएमआई योजना के तहत बीज पूंजी सहायता के लिए 515 लाभुकों को लगभग एक करोड़ 87 लाख रुपए की पूंजी दी गई. इसे भी पढ़ें- हेमंत">https://lagatar.in/hemant-cabinet-meeting-approval-on-29-proposals-mla-fund-increased-from-4-to-5-crores/">हेमंत

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