Search

हजारीबाग सेंट्रल जेल से सूचनाएं होती हैं लीक, दिल्ली पुलिस भी लगा चुकी है मुहर

  • दिल्ली में धराए एक अपराधी से खुलासा होने पर भेजी थी सरकार को रिपोर्ट
  • पिछले साल जून में की थी मामले की गंभीरता से जांच कराने की अनुशंसा
Hazaribagh : हजारीबाग जयप्रकाश नारायण सेंट्रल जेल से सूचनाएं लीक होने की खबर पर दिल्ली पुलिस भी पिछले वर्ष जून में अपनी मुहर लगा चुकी है. दिल्ली के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने झारखंड सरकार को जेपी केंद्रीय कारा हजारीबाग से सूचनाएं लीक होने के प्रति आगाह भी किया था. दरअसल दिल्ली में पकड़ाए एक अपराधी ने अपने स्वाकारोक्ति बयान में कहा था कि उसे सेंट्रल जेल हजारीबाग से दिशानिर्देश मिलता है और फिर वह घटनाओं को अंजाम देता है. इस सबंध में पुलिस कमिश्नर ने झारखंड सरकार को रिपोर्ट भी भेजी थी और मामले की गंभीरता से जांच कराने की अनुशंसा भी की थी.

तत्कालीन कारा महानिरीक्षक ने जेल अधीक्षक के खिलाफ की थी कार्रवाई की अनुशंसा

तब दिल्ली पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट पर तत्कालीन कारा महानिरीक्षक मनोज कुमार ने झारखंड सरकार से हजारीबाग केंद्रीय कारा के काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी. कार्रवाई का मामला राज्य सरकार के स्तर पर लंबित है. न जाने क्यों काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही. वैसे काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर का दावा है कि उनकी सेटिंग उपर तक है, इसलिए उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता.

तब छानबीन में मिले थे छह मोबाइल नंबर

पिछले वर्ष जून में पकड़ाए अपराधी से पूछताछ के आधार पर दिल्ली पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत छानबीन की थी, तो छह मोबाइल नंबर ऐसे मिले, जो हजारीबाग जेल से चल रहे थे. उसके बाद ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इस मामले में झारखंड सरकार को विस्तृत ब्योरा भेजा और मामले की गंभीरता से जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की थी. दिल्ली पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद सभी छह मोबाइल नंबरों के बारे में झारखंड पुलिस भी अपने स्तर से जांच करा रही थी.

हजारीबाग जेल प्रशासन के खिलाफ एसपी भी कर चुके हैं शिकायत

पूर्व में हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चोथे भी पुलिस मुख्यालय से जेपी केंद्रीय कारा प्रशासन के खिलाफ लिखित शिकायत कर चुके हैं. उन्होंने शिकायत की थी कि रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्ल जेल में बंद अपराधी अमन साव व उसके गैंग के सदस्य हजारीबाग के बड़कागांव अनुमंडलीय पुलिस क्षेत्र में संचालित विभिन्न सार्वजनिक एवं निजी खनन कंपनियों के पदाधिकारियों से जबरन रंगदारी वसूली के लिए धमका रहे हैं. इस मामले में केरेडारी व बड़कागांव में तीन अलग-अलग प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी. जिन नंबरों से धमकी दी गई थी, उन नंबरों की जांच की गई, तो पता चला कि उनका लोकेशन लगातार बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार मिल रहा था. एसपी ने आशंका जतायी थी कि जेल के भीतर सिम कार्ड पहुंचाने में काराकर्मियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है.

बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में एक दिन में 150 मोबाइल चलने की पुष्टि

तत्कालीन कारा महानिरीक्षक मनोज कुमार ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में एक दिन में 150 मोबाइल चलने की पुष्टि की थी और कहा था कि रांची के खेलगांव थाने में दर्ज प्राथमिकी की सूचना उन्हें विधिवत नहीं मिली है. उन्होंने यह भी कहा था कि पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद वह दोषियों के विरुद्ध कानूनसम्मत कार्रवाई करेंगे. इसे भी पढ़ें : राज्यपाल">https://lagatar.in/governor-taught-etiquette-lesson-to-prospective-administration/">राज्यपाल

ने विभावि प्रशासन को पढ़ाया शिष्टाचार का पाठ
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp