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प्रोजेक्ट हाईस्कूल शिक्षक समायोजन के मामले में प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के निर्देश

 
Ranchi: प्रोजेक्ट गर्ल्स हाईस्कूल के शिक्षकों के समायोजन और बकाया के मामले पर सरकार की अपील याचिका पर अब दो मार्च को सुनवाई होगी. बुधवार को प्रतिवादियों की ओर से जवाब दाखिल करने का समय देने का आग्रह किया गया. इस आग्रह को स्वीकार करते हुए जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने दो मार्च को सुनवाई निर्धारित की है. बुधवार को राज्य सरकार की ओर पक्ष रखते हुए अपर महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 25 अप्रैल 2018 को राज्य सरकार ने एक नीतिगत निर्णय लिया था. जिसमें शर्त तय की गई थी कि प्रोजेक्ट गर्ल्स स्कूल के किन-किन शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा और किन स्कूलों को मान्यता दिया जाएगा. इसे पढ़ें-पाकुड़">https://lagatar.in/pakur-indefinite-strike-of-traders-started-in-protest-against-agricultural-duty/">पाकुड़

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यह नीति सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आलम कमेटी की रिपोर्ट के मद्देनजर बनी है. एकल पीठ ने राज्य सरकार के इस नीति को बदलने का निर्देश दिया था, जो सही नहीं है. यह नीति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर बना है. इसलिए इसे गलत नहीं ठहराया जा सकता. सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि एकल पीठ ने 5 सितंबर 2018 को प्रोजेक्ट गर्ल्स स्कूल के शिक्षकों को समायोजित करने और बकाया वेतन देने का आदेश दिया था. जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर राज्य सरकार ने एक कमेटी गठित की थी. वर्ष 2007 में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी थी. इस कमेटी की रिपोर्ट पर जो लोग योग्य थे उन्हें सरकार ने समायोजित किया.जो अयोग्य थे उनका दावा खारिज कर दिया. इसे भी पढ़ें-BJP">https://lagatar.in/bjp-mp-nishikant-dubey-gets-relief-know-which-bench-of-hc-refused-to-hear-the-case/">BJP

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