Ranchi : मन से की गई मेहनत बेकार नहीं जाती है, उसका सुखद परिणाम जरूर मिलता है. ऐसा ही कर दिखाया है एक गरीब महिला की बेटी ने. एक गरीब किसान परिवार की बेटी बहामनी कंडीर ने इंटर आर्ट्स की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की है. वह सरायेकला के एक सुदूर गांव की रहनेवाली है और सरायकेला के ही कस्तूरबा स्कूल कुसाई की छात्रा है. बहामनी को हिंदी में 62, मुंडारी में 76, भूगोल में 61, समाजशास्त्र में 64 और राजनीति शास्त्र में 57 अंक मिला है. परिवार में एक भाई और एक बहन है. बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया. तंगहाली में गांव के स्कूल से 5वीं तक की पढाई की. इसके बाद मां ने उसे सरायकेला-खरसांवा के कस्तूरबा स्कूल में नाम लिखा दिया. बहामनी ने बताया कि स्कूल से गांव की दूरी 30 किमी है. यहां न तो बिजली है और न पीने का पानी. झरना के पानी से पूरे गांव की प्यास बुझती है. बहते पानी को पाईप से जोड़कर पूरे गांव में पानी पहुंचाया जाता है. घर का सामान खरीदने के लिए भी लगभग 25 किमी का सफर करना पड़ता है. हर महीने राशन लाने के लिए भी 20-25 किमी जाना पड़ता है. तंगहाली के बावजूद भी उसने मन लगाकर पढ़ाई की और परीक्षा में अच्छा नंबर मिला तो सभी खुश हैं. वह आगे की पढ़ाई करने के लिए पुंदाग में कौशल विकास में कंप्यूटर की शिक्षा पढ़ाई कर रही है. इसे भी पढ़ें : पाइप">https://lagatar.in/there-should-be-no-carelessness-in-laying-pipeline-officers-should-act-responsibly-cm/">पाइप
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तंगहाली के बावजूद फर्स्ट डिवीजन से पास की इंटर की परीक्षा
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