क्रमबद्ध आंदोलन किया जायेगा
बैठक में कहा गया कि 2018 में राज्य सरकार ने 18 भाषाओं को राज्य की द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया. परंतु नियोजन नीति 2023 में क्षेत्रीय भाषा के रूप में अति प्राचीन भाषा मैथिली को स्थान नहीं मिलने से यहां बसे लाखों परिवार आक्रोशित हैं. बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि अपनी मांगों की पूर्ति के लिए क्रमबद्ध आंदोलन की रूपरेखा बनाई जायेगी. इस आभासी बैठक में परिषद के संस्थापक डॉ धनाकर ठाकुर, संरक्षक पूर्व मंत्री राज पलिवार, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्र, प्रदेश महासचिव अजय झा, प्रदेश सचिव पंकज झा एवं कोषाध्यक्ष बिलट पोद्दार शामिल थे. इसे भी पढ़ें – घुटने">https://lagatar.in/dhoni-reached-ranchi-after-undergoing-knee-surgery-fans-were-eager-to-get-a-glimpse-at-the-airport/">घुटनेकी सर्जरी करा कर धोनी पहुंचे रांची, एयरपोर्ट पर फैंस एक झलक पाने को दिखे बेताब [wpse_comments_template]
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