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अंतरराष्ट्रीय 'शूटर दादी' चंद्रो तोमर का कोरोना से निधन, जीवन पर बनी थी फिल्म

 

Lagatar Desk :">https://en.wikipedia.org/wiki/Chandro_Tomar">

शूटर दादी के नाम से मशहूर अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज चंद्रो तोमर का कोरोना बीमारी के चलते निधन हो गया. चंद्रो को कुछ दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाया गया था. 27 अप्रैल को उन्हें सांस लेने में परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अपनी छोटी बहन प्रकाशी तोमर के साथ शूटिंग प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर पर 50 से अधिक पदक जीतकर कामयाबी हासिल करने वाली चंद्रो तोमर उत्तरप्रदेश के बागपत के जौहड़ी गांव की निवासी थीं. मेरठ के आनंद अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उनके जीवन पर फिल्म भी बनी थी. इस फिल्म में दोनों बहनों को रोल करनेवाली तापसी पन्नू और भूमि पेंढ़नेकर ने चंद्रो तोमर के निधन पर गहरा शोक जताया है.

पोती को शूटिंग सिखाने जाती थीं चंद्रो, पहला निशाना ही सटीक लगा

चंद्रो की निशानेबाजी कैरियर की शुरुआत काफी दिलचस्प रही. शूटिंग कोच  राजपाल सिंह ने 1998  में जौहड़ी में शूटिंग रेंज की शुरुआत की थी. चंद्रो अपनी लाडली पोती शेफाली तोमर को निशानेबाजी सिखाने के लिए रोज घर से शूटिंग रेंजजाती थी. शेफाली शूटिंग की प्रैक्टिस करती और चंद्रो तोमर उसे देखती रहती थीं. एक दिन चंद्रो तोमर ने शेफाली से एयर पिस्टल लेकर निशाना लगाया. पहला ही निशाना दस पर जाकर लगा. दादी की निशानेबाजी पर बच्चों ने तालियां बजायीं और कोच ने उन्हें  प्रेरित किया. और यूं शुरू हुआ चंद्रो तोमर की निशानेबाजी का सफर.चंद्रो की निशानेबाजी पर घर के पुरुषों ने आपत्ति जतायी, लेकिन उनके बेटों, बहुओं और पोते-पोतियों ने उनका पूरा साथ दिया. इसके बाद वे घर से बाहर निकलकर पास के शूटिंग रेंज में अभ्यास करने के लिये जा पायी. एक बार खेल अपनाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. और दूसरे खिलाड़ियों के लिए मिसाल बन गयीं.

60 से अधिक की उम्र में शुरू की निशानेबाजी

चंद्रो तोमर ने जब निशानेबाजी शुरू की तो उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी. इसके बावजूद उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीतीं. अपनी बहन प्रकाशी तोमर के साथ चंद्रो ने कई शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. दोनों बहनों पर सांड">https://www.youtube.com/watch?v=zH-4QAlF8U8">सांड

की आंख नाम से एक फिल्म भी बनायी गयी है, उन्हें विश्व की सबसे उम्रदराज निशानेबाज माना जाता है. उनकी बहन प्रकाशी">https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80_%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%AE%E0%A4%B0">प्रकाशी

भी उम्रदराज महिला निशानेबाजों में शामिल हैं.

चंद्रो तोमर के ऊपर आधारित थी फिल्म सांड की आंख

अपने जीवन में चंद्रो ने पुरुष प्रधान समाज की कई रूढ़ियों को भी खत्म किया. बॉलीवुड फिल्‍म सांड की आंख दादी चंद्रो तोमर और उकी बहन प्रकाशी तोमर के  जीवन पर ही आधारित है. दोनों शूटर दादी की कहानी से प्रभावित होकर अभिनेता आमिर खान ने अपने टीवी शो सत्‍यमेव जयते में भी बुलाया था. 

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