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JSSC-CGL परीक्षा का पेपर लीक नहीं, IRB जवानों ने की छात्रों से ठगीः रिपोर्ट

सीजीएल परीक्षा को लेकर भी राज्य के छात्रों ने सवाल खड़े किये थे. छात्रों का आरोप था कि पेपर लीक हुआ है. छात्रों के आरोप पर सरकार ने मामले की सीआईडी जांच का आदेश दिया. तत्कालीन सीआईडी डीजी अनुराग गुप्ता के नेतृत्व में की गई जांच की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने फैसला दिया. जिसके बाद सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई. हालांकि आरोप लगाने वाले छात्र जांच रिपोर्ट से कभी संतुष्ट नहीं हुए.
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  • - सीआईडी ने जांच में पेपर लीक से इंकार किया.
  • - सीआईडी के एसआइटी की जांच अब भी जारी है.
  • - 66 सवाल परीक्षा के मूल प्रश्न से मेल खाते हैं.
  • - नेपाल ले जाए गए अभ्यर्थियों ने मूल प्रश्न पत्र नहीं देखा.

Ranchi : राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा अक्तूबर 2024 में आयोजित CGL परीक्षा की जांच में सीआईडी ने पेपर लीक नहीं माना था. सीआईडी की जांच रिपोर्ट के मुाताबिक यह ठगी का मामला है. और छात्रों से ठगी करने वालों में IRB जवानों की भरमार है. इसमें एक होम गार्ड का जवान भी शामिल है. सीआईडी की जांच रिपोर्ट में इन तथ्यों का उल्लेख है. हालांकि मामले में गठित SIT ने इस परीक्षा में गड़बड़ी और 66 सवाल परीक्षा के मूल प्रश्न से मेल खाने की बात स्वीकार की. लेकिन पेपर लीक से इनकार किया. 

 

अब तक की जांच में किसने गेस पेपर (संभावित सवालों की सूची)  तैयार किया, इस सवाल का जवाब सीआईडी ने नहीं ढ़ूंढ़ा है या उसे नहीं मिल पाया. इसी के साथ यह सवाल भी उठाया जाने लगा है कि क्या  IRB जवान पिछली परीक्षाओं में पूछे गये सवालों के सेट से गेस पेपर तैयर कर ठगी करने में सक्षम हैं?

 

उल्लेखनीय है कि इस सीजीएल परीक्षा को लेकर भी राज्य के छात्रों ने सवाल खड़े किये थे. छात्रों का आरोप था कि पेपर लीक हुआ है. छात्रों के आरोप पर सरकार ने मामले की सीआईडी जांच का आदेश दिया. तत्कालीन सीआईडी डीजी अनुराग गुप्ता के नेतृत्व में की गई जांच की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने फैसला दिया. जिसके बाद सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई. हालांकि आरोप लगाने वाले छात्र जांच रिपोर्ट से कभी संतुष्ट नहीं हुए.  

 

मामले की जांच के लिए गठित SIT की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि कुल 28 उम्मीदवारों को पेपर देने के नाम पर नेपाल ले जाया गया था. वहां पेपर देने के बदले कुछ सवालों के जवाब बताये गये. नेपाल गये 28 परीक्षार्थियों में से 10 ने CGL की  परीक्षा पास की. हाईकोर्ट ने नेपाल से सवालों का जवाब रट कर आये और परीक्षा में सफल हुए 10 परीक्षार्थियों के चयन पर CID जांच पूरी होने तक रोक लगा दी है.

 

SIT ने प्रेमलाल ठाकुर, अनिल कुमार , उपेंद्र राउत और रामचंद्र मंडल के मोबाइल के स्क्रीनशॉट की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर इस बात का उल्लेख किया है कि उन्हें कोई पेपर नहीं दिया गया था. उन्होंने सामान्य अध्ययन  (General Studies) पेपर के 187 जवाब बताए गये थे. सारे जवाब गेस पर आधारित थे. क्योंकि उस विषय के सेट  'A'  प्रश्न-पत्र से केवल 66 जवाब ही मूल प्रश्न के अनुरूप पाया गया.

 

जांच के दौरान IRB कांसटेबल कुंदन कुमार उर्फ मंटू के मोबाइल फोन में हाथ से लिखे कागज का एक फोटो मिला. इसमें 28 CGL उम्मीदवारों और उनके एजेंटों का नाम लिखा हुआ था. संदीप त्रिपाठी उर्फ शशि भूषण दीक्षित के पास एक डायरी मिली थी. इसमें भी उम्मीदवारों और एजेंटों का नाम लिखा हुआ था. इसने भी परीक्षार्थियों से पैसे वसूले थे. सभी 28 उम्मीदवारों का लोकेशन बिहार के मोतिहारी और रक्सौल में पाया गया था. साथ ही साजिश रचने वालों में शामिल संदीप त्रिपाठी उर्फ शशि भूषण दीक्षित,  विवेक रंजन, बबलू और हरि सिंह उर्फ विनय साह का लोकेशन भी मोतिहारी और रक्सौल में पाया गया था.

 

सवालों का जवाब रटने नेपाल गये 10 सफल उम्मीदवारों में से सिर्फ चार ने यह स्वीकार किया था कि वे नेपाल के वीरगंज गये थे. लेकिन उन्हें कोई प्रश्न पत्र नहीं दिया गया था. नेपाल जाने की बात स्वीकार करने वालों में अरविंद कुमार, विभूति अमन, दिवाकर देन और उपेंद्र यादव का नाम शामिल है. पांचवें सफल उम्मीदवार दयानंद यादव ने यह स्वीकार किया कि हरि सिंह उर्फ विनय साह ने हाथ से लिखा हुआ कुछ प्रश्नों का जवाब दिखाया था.

 

मामले की जांच के दौरान IRB-08 (गोड्डा) के पांच जवानों को गिरफ्तार किया गया था. इसमें कुंदन कुमार, गौरव कुमार, अभिलाष कुमार, कृष्ण सनेही और अखिलेश कुमार का नाम शामिल है. इसमें से कृष्णा स्नेही खुद भी CGL परीक्षा में सफल हुआ था. इन जवानों को पैसा ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जांच के दौरान कहीं भी मूल प्रश्न पत्र नहीं मिला. इन तथ्यों के आधार पर CGL परीक्षा में पेपर लीक से इनकार करते हुए इसे सवाल और जवाब का गेस कर ठगी करने का मामला करार दिया गया है.

 

CID की जांच में भी IRB जवान कुंदन कुमार उर्फ मंटू की पत्नी कंचन कुमारी के SBI के अकाउंट नंबर 39663229483 और ICICI के अकाउंट नंबर132501003642 में परीक्षार्थियों से पैसों के लेन-देन का सबूत मिला. मुख्य अभियुक्त संदीप त्रिपाठी उर्फ शशिभूषण दीक्षित द्वारा इस्तेमाल किये गये YES  बैंक के अकाउंट नंबर 0243500000122 में परीक्षार्थियों से 8.83 लाख रुपये लिया गया. इसी तरह कौशलेश उर्फ राहुल के भी Axis बैंक आकाउंट 922010031951920 में परीक्षार्थियों से पैसे लेने के सबूत मिले हैं.

 

CID जांच में फंसे अभियुक्त

  • -अभिलाष कुमार, आइआरबी जवान
  • -गौरव कुमार, आइआरबी जवान
  • -कुंदन कुमार, आइआरबी जवान
  • -रोबिन कुमार, आइआरबी जवान
  • -अखिलेख कुमार, आइआरबी जवान
  • -राम निवास राय, असम राइफल़
  • -कृष्णा स्नेही, आइआरबी जवान
  • -निवास कुमार राय, होम गार्ड
  • -कविराज, औरंगाबाद
  • -शशिभूषण दीक्षित, गोपालगंज
  • -विवेक रंजन, गोपाल गंज
  • -कौशलेश कुमार उर्फ राहुल, औरंगाबाद
  • -मनोज कुमार, वाराणसी

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