Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

यूपी सरकार की सुनियोजित नीतियों और योजनाओं से बढ़ा निवेश

Advertisement
Advertisement
श्रमिक पंजीयन, श्रम सुधारों और योजनाओं से यूपी के व्‍यवसायिक परिवेश में हुए सकारात्‍मक बदलाव, एक करोड़ 11 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों का किया जा चुका पंजीयन, 115.69 लाख निर्माण श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से किया जा चुका लाभान्वित
Lagatar, Lucknow : यूपी में पर्यटन, सुरक्षा, निवेश, रोजगार और विकास को जिस तरह से पिछले पांच सालों में पंख लगे हैं, उससे अपार संभावनाओं वाला उत्‍तर प्रदेश निवेश के लिहाज से देश के बड़े उद्योगपतियों की पहली पसंद बन चुका है. इसका मुख्‍य कारण यूपी सरकार की सुनियोजित नीति और स्‍वर्णिम योजनाएं हैं. देश के अग्रणी राज्‍यों की दौड़ में तेजी से बढ़ रहे यूपी में श्रम आयुक्‍त संगठन द्वारा पिछले पांच सालों में श्रमिकों के हितों में कई महत्‍वपूर्ण काम किए गए हैं.

असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठित

असंगठित क्षेत्र में साल 2018 में असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया गया, इसके साथ ही एनपीएस ट्रेडर्स योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना अटल आवासीय योजना, बाल एवं बंधुआ श्रमिकों का चिन्‍हांकन एवं पुनर्वासन समेत दूसरी योजनाओं से यूपी के व्‍यवसायिक परिवेश में सकारात्‍मक बदलाव आए हैं. इसे भी पढ़ें : सौर">https://lagatar.in/widespread-disturbance-in-the-construction-of-solar-water-tower-maintenance-done-on-paper-itself/">सौर

जलमीनार के निर्माण में व्यापक गड़बड़ी, कागजों पर ही हो गया मेंटेनेंस!

निवेशकों के लिए बेहतर माहौल

यूपी में एक ओर निवेशकों को निवेश के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के हितों का राज्‍य सरकार पूरा ख्‍याल रख रही है. प्रदेश में निवेश बढ़ने और नए उद्योगों के लगने से स्थानीय स्तर पर श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से काफी हद तक पलायन को रोकने में भी सफलता मिलेगी.

श्रम सुधार कार्यक्रम

  • यूपी भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से पिछले पांच सालों में श्रमिक कल्याण के लिए श्रम सुधारों और योजनाओं में तेजी से काम किया गया.
  • श्रमिक पंजीयन के तहत बोर्ड में साल 2017 से मार्च 2022 तक कुल 1,11,40,762 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया।
  • अधिष्ठान पंजीयन के तहत बोर्ड में साल 2017 से मार्च 2022 तक कुल 1,43,229 निर्माण स्थलों का पंजीयन किया गया.
  • प्रदेश में साल 2017 से 2022 तक 115.69 लाख निर्माण श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है.
  • आपदा राहत सहायता योजना के तहत कोविड-19 में 99.52 लाख श्रमिकों को 992.59 करोड़ की धनराशि भरण-पोषण भत्ते के रूप में डीबीटी के जरिए दी गई है.

सुशासन से मिली निवेश को बूस्‍टर डोज

प्रदेश सरकार की ओर से नए निवेशकों को निवेश के लिए आकर्षित करने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया. कृषि क्षेत्र में बेहतर संभावनाओं वाले यूपी के 75 जिलों को जीबीसी थ्री के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में 80211.43 करोड़ के 1406 प्रोजेक्‍टस से रोजगार को योगी सरकार की बूस्‍टर की डोज मिली. इन प्रोजेक्ट्स में इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, आईटी, पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, एयरोस्पेस, हथकरघा, विनिर्माण और कपड़ा समेत कई सेक्टर शामिल हैं. प्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट फरवरी 2018 में आयोजित किया गया था, जबकि पहला ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 29 जुलाई, 2018 को और दूसरा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 28 जुलाई, 2019 को आयोजित किया गया था. पहले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान, 61,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था और दूसरे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में 67,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 290 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था. इसे भी पढ़ें : खाने">https://lagatar.in/cooking-oil-became-cheaper-many-companies-including-ruchi-soya-reduced-mrp-by-rs-20/">खाने

का तेल हुआ सस्ता, रुचि सोया समेत कई कंपनियों ने 20 रुपये घटायी MRP

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही