Search

 
 
 

17 साल बाद मिला IPS संजीव भट्ट को इंसाफ, बेकसूर साबित हुए

 
Lagatar Desk गुजरात के पोरबंदर जिले की एक अदालत ने पिछले हफ्ते 1997 के एक हिरासत में प्रताड़ना मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को बरी कर दिया. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने भट्ट को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष संदेह के अलावा कोई आरोप साबित नहीं कर सका.

पूर्व आइपीएस संजीव भट्ट राजकोट जेल में बंद हैं

पूर्व आइपीएस संजीव भट्ट राजकोट जेल में बंद हैं. वह जामनगर में 1990 में हुई हिरासत में मौत के एक मामले में आजीवन कारावास और पालनपुर में एक राजस्थान के वकील को फंसाने के लिए वर्ष 1996 के ड्रग प्लांटिंग मामले में 20 साल की जेल की सजा काट रहे हैं.

संजीव भट्ट पर  IPC की धारा 330 और 324 के तहत आरोप लगाये गये थे

उल्लेखनीय है कि संजीव भट्ट पर एक शिकायत के आधार पर IPC की धारा 330 और 324 के तहत आरोप लगाये गये थे. एक शिकायत के अनुसार, उन्होंने एक आरोपी नारण जाधव को पुलिस हिरासत में प्रताड़ना दी थी, ताकि वह अपराध कबूल सके. जाधव ने 1994 के हथियार बरामदगी मामले में एक आरोपी के रूप में शिकायत की थी. जाधव ने पुलिस हिरासत में भट्ट द्वारा शारीरिक और मानसिक रुप से प्रताड़ित किए जाने की शिकायत न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास की थी, जिसके बाद जांच का आदेश दिया गया था. भट्ट के खिलाफ 1998 में मामला दर्ज किया गया था और 2013 में नई प्राथमिकी दर्ज की गई थी.  गौरतलब है कि हाल ही में, संजीव भट्ट को 1996 के ड्रग प्लांटिंग के एक मामले में भी सजा सुनाई गई थी. इसके अतिरिक्त, उन पर 2002 के गुजरात दंगों से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में सबूतों तैयार करने के लिए भी कार्रवाई की गई है.
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही