Lagatar Desk
शनिवार रात का अंधेरा अभी टूटा भी नहीं था कि इजराइल के दक्षिणी शहर डिमोना और अराद में सन्नाटा फट गया. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें आसमान चीरती हुई आईं और इजराइल के आयरन डोम को चकमा देकर जमीन से टकराईं. डिमोना, जहां इजराइल का सबसे संवेदनशील परमाणु केंद्र है, में एक मिसाइल ने इमारत को तबाह कर दिया. अराद में आग की लपटें उठीं. 100 से ज्यादा इजराइली घायल हो गए और दर्जनों इमारतें ढह गईं. इजराइल की इमरजेंसी सर्विस ने ‘मास कैजुअल्टी इवेंट’ घोषित कर दिया. एक 10 साल के बच्चे समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
अल जजीरा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला ईरान का जवाब था. कुछ दिन पहले ही अमेरिका-इजराइल ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला किया था. इजराइल ने तेहरान में आईआरजीसी नौसेना मुख्यालय को भी निशाना बनाया. अब युद्ध 22वें दिन में पहुंच गया है. ईरान ने 4000 किलोमीटर दूर हिंद महासागर में अमेरिका-ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया बेस पर भी मिसाइल दागी. होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो गई. राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि 48 घंटे में जलडमरूमध्य खोलो, नहीं तो ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला किया जायेगा.
युद्ध के बीच दोनों तरफ मानवीय त्रासदी बढ़ रही है. ईरान में 3200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. इजराइल में सैकड़ों लोग मारे गये हैं और घायल हैं. लेबनान और यमन के हूती भी मैदान में कूदने को तैयार है. सऊदी अरब ने ईरानी दूतावास कर्मियों को निष्कासित कर दिया.
यह युद्ध अब सिर्फ दो देशों का नहीं, पूरा मिडिल ईस्ट और दुनिया की अर्थव्यवस्था को अपनी चपेट में ले चुका है. तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह विश्व युद्ध की शुरुआत है? नेतन्याहू ने इसे ‘बहुत कठिन शाम’ कहा है, जबकि खामेनी ने ‘कोई संयम नहीं’ का ऐलान किया.
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